नो-एंट्री में घुसा डंपर; हाथ-पैर कटकर सड़क पर बिखरे, 12 घायल—7 की हालत गंभीर; ट्रैफिक पुलिस के 3 अफसर निलंबित
जयपुर के हरमाड़ा इलाके में सोमवार दोपहर दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। शराब के नशे में बेकाबू डंपर ने नो-एंट्री में घुसते हुए करीब 400 मीटर के भीतर 26 लोगों को कुचल दिया। 14 की मौत हो गई और 12 लोग घायल हुए, जिनमें 7 की हालत गंभीर है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपी ड्राइवर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
जयपुर। हरमाड़ा की सड़कों पर सोमवार दोपहर खौफनाक मंजर देखने को मिला। तेज रफ्तार डंपर (आरजे-14 जीपी 8724) ने लोहा मंडी इलाके में लगातार 400 मीटर तक 17 वाहनों को रौंदते हुए 26 लोगों को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 घायल हैं। इनमें से 7 की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों को एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि कई शवों के हाथ-पैर कटकर सड़क पर बिखर गए। दो शवों की पहचान भी नहीं हो सकी। सड़क पर चीख-पुकार मच गई और कुछ लोगों ने अपने सामने ही परिजनों को तड़पते हुए दम तोड़ते देखा। एक महिला शव के पास बैठी रोती रही, समझ नहीं पा रही थी कि अब वह क्या करे।
स्थानीय लोगों ने ड्राइवर कल्याण मीणा को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। ड्राइवर नशे में था और वह जयपुर के विराटनगर का रहने वाला है। हादसे से पहले एक पेट्रोल पंप के पास उसकी एक कार चालक से कहासुनी भी हुई थी। डंपर के पीछे लिखा था — “दम है तो पास कर, वरना बर्दाश्त कर।”
घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई। डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा ने नो-एंट्री में डंपर के प्रवेश को गंभीर लापरवाही मानते हुए सीआई राजकिरण, एएसआई राजपाल सिंह और कॉन्स्टेबल महेश कुमार को निलंबित कर दिया है।
इस हादसे ने राज्य में सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले एक महीने में राजस्थान में हुए पांच बड़े हादसों में 67 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
हादसे में जान गंवाने वालों में मुरली उर्फ महेश मीणा भी शामिल थे। सुबह उन्होंने सोशल मीडिया पर कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के लिए लंबी उम्र की दुआ करते हुए पोस्ट की थी — “आपको हमारी उम्र लग जाए।” लेकिन कुछ ही घंटे बाद वे खुद दुनिया से चले गए।