नईदिल्ली(ए)। डेनमार्क सरकार ने बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाया है। शुक्रवार को सरकार ने घोषणा की कि अब 15 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय यूरोप में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए उठाए गए सबसे बड़े प्रयासों में से एक माना जा रहा है।
माता-पिता को मिलेगी सीमित अनुमति
सरकार ने स्पष्ट किया कि 13 साल से ऊपर के बच्चे, अगर माता-पिता विशेष अनुमति दें, तो सोशल मीडिया का सीमित उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए अभिभावकों को एक औपचारिक मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें बच्चे की परिपक्वता और डिजिटल समझ का आकलन किया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया के बाद डेनमार्क का बड़ा कदम
डेनमार्क का यह कदम ऑस्ट्रेलिया के उस फैसले के बाद आया है, जहां दिसंबर में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया गया था। वहां TikTok, Facebook, Instagram, X (Twitter), Snapchat और Reddit जैसी कंपनियों पर 50 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना तय किया गया है।
डिजिटल अराजकता से बच्चों की सुरक्षा की तैयारी
डेनमार्क के डिजिटलाइजेशन मंत्रालय ने कहा, “हम बच्चों को ऐसे डिजिटल माहौल में अकेला नहीं छोड़ सकते, जहां हानिकारक कंटेंट और व्यावसायिक हित उनके जीवन को प्रभावित करते हैं।” मंत्रालय ने यह भी चेताया कि लगातार स्क्रीन टाइम से बच्चों की नींद, ध्यान और मानसिक शांति पर गहरा असर पड़ रहा है।
सरकार ने माना कि यह समस्या इतनी व्यापक है कि न माता-पिता अकेले, न ही शिक्षक इससे निपट सकते हैं। इसलिए अब समाज को मिलकर बच्चों के डिजिटल भविष्य की रक्षा करनी होगी।