भिलाई में कथा के दूसरे दिन गूंजा हनुमान चालीसा का संदेश, शनिवार को लगेगा दिव्य दरबार
औद्योगिक नगरी भिलाई के जयंती स्टेडियम में आयोजित दिव्य हनुमंत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों का व्याख्यान करते हुए सनातन धर्म, भक्ति और रक्षा के गूढ़ संदेश को जनमानस तक पहुँचाया। इस अवसर पर प्रदेश के कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों ने कथा श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
भिलाई। सेवा समर्पण संस्था के संयोजन में चल रही दिव्य हनुमंत कथा के दूसरे दिन जयंती स्टेडियम कथा स्थल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। दुर्ग-भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव सहित छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त कथा श्रवण के लिए पहुंचे।

कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी ने हनुमान चालीसा की छठवीं चौपाई “हाथ बज्र औ ध्वजा विराजे” की व्याख्या करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म और हिंदू समाज की रक्षा के लिए भक्ति के साथ-साथ शौर्य और सजगता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज की परिस्थितियों में ध्वज, माला और भाला—तीनों का महत्व समझना होगा।
शास्त्री जी ने श्रीराम-हनुमान के अटूट संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीराम के बिना हनुमान और हनुमान के बिना श्रीराम की कल्पना अधूरी है। हनुमान चालीसा का प्रत्येक शब्द केवल भक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मानव जीवन का सार और नैतिक कर्तव्यों का मार्गदर्शन करता है।

कथा स्थल पर श्रीराम और हनुमान की स्तुति में गाए गए भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। शास्त्री जी ने कहा कि हनुमान चालीसा अधर्म और नकारात्मक शक्तियों के विरुद्ध वज्र-बाण के समान है, जिसे जीवन में आत्मसात करने से व्यक्ति धर्मपथ पर अग्रसर होता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय, सांसद विजय बघेल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रजनी बघेल, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोसेवाड़ा, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष विभा अवस्थी, दुर्ग महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, भिलाई महापौर नीरज पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, बस्तर राजपरिवार के कमल सिंह भंजदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने कथा श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजकों के अनुसार शनिवार को हनुमंत कथा के तीसरे दिन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक दिव्य दरबार का आयोजन होगा, जिसमें पर्ची के माध्यम से श्रद्धालुओं की समस्याओं के समाधान बताए जाएंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक पुनः कथा का आयोजन किया जाएगा।