उत्तर प्रदेश में हालात सबसे खराब, कई जिलों में जीरो विजिबिलिटी से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित; 50 से ज्यादा ट्रेनें लेट, उड़ानें रद्द — माउंट आबू 1 डिग्री और पचमढ़ी 3.6 डिग्री के साथ देश के सबसे ठंडे शहर
नई दिल्ली (ए)। देशभर में सर्दी ने इस बार समय से पहले ही अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिमी भारत समेत कुल 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शीतलहर और घने कोहरे ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, वहीं घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है। मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले 48 घंटों में ठंड और बढ़ेगी तथा कोहरा और अधिक घना हो सकता है, जिससे हालात और गंभीर होने की आशंका है।
उत्तर भारत में ठंड और कोहरे की दोहरी मार
देश के उत्तरी हिस्से में ठंडी हवाओं और नमी के मेल ने ठंड को और ज्यादा खतरनाक बना दिया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में शीतलहर का प्रभाव लगातार तेज होता जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ वातावरण में नमी बढ़ने के कारण सुबह और रात के समय घना कोहरा छा रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
उत्तर प्रदेश में हालात सबसे खराब, 27 जिलों में जीरो विजिबिलिटी
उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरे ने सबसे गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ, गोरखपुर समेत प्रदेश के करीब 27 जिलों में शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे सड़कों पर वाहन बेहद धीमी गति से चलते नजर आए। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रेल और हवाई यातायात पर पड़ा सीधा असर
घने कोहरे का सबसे बड़ा असर परिवहन व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। प्रयागराज, देवरिया, वाराणसी और आसपास के रेलवे स्टेशनों से गुजरने वाली 50 से अधिक ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कई ट्रेनों की लेटलतीफी 4 से 6 घंटे तक पहुंच गई है। वहीं खराब दृश्यता के कारण गोरखपुर और अन्य एयरपोर्ट्स से संचालित होने वाली कम से कम 5 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार और वैकल्पिक व्यवस्था की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मध्य प्रदेश में भी बढ़ी ठंड की तीव्रता
मध्य प्रदेश में भी ठंड ने अपना असर तेजी से बढ़ाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के 25 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी रात और सुबह के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ठंड के कारण लोग अलाव और हीटर का सहारा लेने को मजबूर हैं।
राजस्थान में सर्द हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपी
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर के खत्म होते ही उत्तर से आने वाली सर्द हवाओं ने ठंड को और तीखा कर दिया है। राज्य के 4 शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि 21 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम बना हुआ है। हिल स्टेशन माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके अलावा फतेहपुर में 1.6 डिग्री और नागौर में 1.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जिससे आम लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।
अगले 48 घंटे और चुनौतीपूर्ण, मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले 48 घंटों में उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में ठंड और कोहरा और अधिक बढ़ सकता है। सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और बुजुर्गों व बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, देशभर में सर्दी का यह दौर अभी और लंबा चलने वाला है। शीतलहर और घने कोहरे ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं परिवहन, व्यापार और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि ठंड के इस प्रकोप से जान-माल का नुकसान न हो।