जिम्बाब्वे के स्टार ऑलराउंडर के भाई ने दुनिया को कहा अलविदा, जन्म से ही लड़ रहे थे गंभीर बीमारी से जंग; गम में डूबा खेल जगत।
जिम्बाब्वे(ए) । जहाँ एक ओर पूरी दुनिया नए साल 2026 के जश्न और नई उम्मीदों के स्वागत में डूबी हुई है, वहीं क्रिकेट के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर खेल प्रेमी की आँखों को नम कर दिया है। जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के टी20 कप्तान और दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में शुमार सिकंदर रजा (Sikandar Raza) के परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सिकंदर रजा के मात्र 13 वर्षीय छोटे भाई, मोहम्मद महदी, अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस दुखद समाचार के सामने आते ही न केवल जिम्बाब्वे बल्कि भारत, पाकिस्तान और पूरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। रजा, जो मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, आज अपनी निजी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी से गुजर रहे हैं।
हीमोफीलिया जैसी दुर्लभ बीमारी और महदी का लंबा संघर्ष
सिकंदर रजा के छोटे भाई मोहम्मद महदी के निधन के पीछे एक लंबी और दर्दनाक बीमारी की कहानी जुड़ी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, महदी जन्म से ही ‘हीमोफीलिया’ (Hemophilia) नाम की एक बेहद गंभीर और दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थे। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, इस बीमारी में पीड़ित व्यक्ति के शरीर में खून का थक्का (Clotting) बनने की प्रक्रिया रुक जाती है, जिससे छोटी सी चोट भी आंतरिक रक्तस्राव का कारण बन सकती है और जानलेवा साबित हो सकती है। महदी पिछले कई वर्षों से इस असाध्य बीमारी से बहादुरी के साथ लड़ रहे थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में उनकी स्वास्थ्य समस्याओं ने विकराल रूप ले लिया। 29 दिसंबर 2025 को हरारे के एक अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इस नन्हे योद्धा ने दम तोड़ दिया। 30 दिसंबर को हरारे के ही वॉरेन हिल्स कब्रिस्तान में उन्हें नम आँखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने जताया दुख, कप्तान के साथ खड़ा हुआ पूरा देश
इस दुखद घटना की पुष्टि होते ही जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड (ZC) ने एक अधिकारिक और भावुक बयान जारी कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। बोर्ड ने अपने वक्तव्य में कहा कि सिकंदर रजा सिर्फ एक कप्तान नहीं बल्कि जिम्बाब्वे क्रिकेट की रीढ़ हैं, और इस मुश्किल समय में पूरा क्रिकेट परिवार उनके और उनके माता-पिता के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। बोर्ड के अधिकारियों, राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ ने महदी के निधन को एक अपूरणीय क्षति बताया है। यह समय रजा परिवार के लिए भावनात्मक रूप से अत्यंत कठिन है, क्योंकि उन्होंने एक ऐसे बच्चे को खोया है जिसने अपनी पूरी जिंदगी बीमारी की चुनौतियों के बीच मुस्कुराते हुए गुजारी थी। खेल जगत के दिग्गजों का मानना है कि रजा की खेल के प्रति प्रतिबद्धता के पीछे अक्सर उनके भाई का वह जज्बा रहता था, जो हर मुश्किल से लड़ना सिखाता था।

सोशल मीडिया पर उमड़ा संवेदनाओं का सैलाब, फैंस हुए भावुक
जैसे ही सिकंदर रजा के भाई के निधन की खबर इंटरनेट पर प्रसारित हुई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके प्रशंसकों का हुजूम उमड़ पड़ा। सिकंदर रजा ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस खबर को साझा करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की है। दुनिया भर के दिग्गज क्रिकेटरों ने रजा को इस कठिन समय में धैर्य रखने की सलाह दी है। क्रिकेट फैंस का कहना है कि सिकंदर रजा ने हमेशा मैदान पर जिम्बाब्वे का झंडा ऊंचा रखा है और आज जब वे अपने जीवन के सबसे बुरे दौर में हैं, तो हर क्रिकेट प्रेमी उनके साथ है। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर रजा के पुराने वीडियो और उनके भाई के साथ बिताए गए पलों की यादें साझा की जा रही हैं, जो इस बात का गवाह हैं कि रजा अपने छोटे भाई को कितना प्रेम करते थे।
आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 और रजा की कप्तानी की चुनौतियाँ
यह निजी त्रासदी सिकंदर रजा के जीवन में एक ऐसे मोड़ पर आई है जब वे अपने करियर के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं। फरवरी 2026 से टी20 वर्ल्ड कप का आगाज होने जा रहा है, जहाँ रजा को अपनी टीम की अगुवाई करनी है। हाल ही में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टी20 लीग (ILT20) में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए कई मैचों में जीत दिलाई थी, जिससे उनकी फॉर्म और फिटनेस का लोहा पूरी दुनिया ने माना था। लेकिन अब अपने छोटे भाई के बिछड़ने का गम उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि रजा एक सच्चे योद्धा की तरह इस सदमे से बाहर निकलेंगे और मैदान पर वापसी कर अपने छोटे भाई के सपनों को पूरा करेंगे।
“जीवन और मृत्यु के इस चक्र में कभी-कभी ऐसे घाव मिलते हैं जो समय के साथ भी नहीं भरते। सिकंदर रजा के भाई मोहम्मद महदी का जाना खेल जगत के लिए एक काला अध्याय है। Panchayatilala News की पूरी टीम इस दुख की घड़ी में सिकंदर रजा और उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करती है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले।”
इस दुखद समाचार को साझा कर रजा परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करें। कमेंट बॉक्स में ‘RIP’ लिखकर छोटे महदी को श्रद्धांजलि दें। देश-दुनिया और खेल की हर संवेदनशील खबर के लिए देखते रहें Panchayatilala News।