सूरज की रोशनी से मिलेगी एक्स्ट्रा पावर, 279वीं बार स्पेस स्टेशन के बाहर निकलेंगे वैज्ञानिक, पूरी दुनिया की टिकी नजरें
वॉशिंगटन/ह्यूस्टन (NASA): सिर्फ क्रिकेट और राजनीति ही नहीं, अब भारत और दुनिया की नजरें सीधे अंतरिक्ष पर टिकी हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने साल 2026 की शुरुआत में ही एक बड़ा धमाका करने की तैयारी कर ली है। जनवरी के महीने में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाहर दो बड़ी ‘स्पेस वॉक’ (Spacewalk) होने जा रही हैं। ये कोई साधारण चहलकदमी नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष में इंसानी बस्तियों को नई ऊर्जा और शक्ति देने वाला एक महा-अभियान है। आइए जानते हैं क्या है नासा का पूरा प्लान!

अंतरिक्ष में बिजली की समस्या होगी दूर, लगाए जाएंगे नए सोलर पैनल
नासा ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि जनवरी में दो अलग-अलग मौकों पर वैज्ञानिक अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर निकलेंगे। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य वहां ‘रोल-आउट सोलर एरे’ (Solar Array) लगाने की तैयारी करना है। ये आधुनिक सोलर पैनल स्टेशन को अतिरिक्त बिजली प्रदान करेंगे, जिससे न केवल वहां चल रहे प्रयोगों को मदद मिलेगी बल्कि भविष्य में स्टेशन को सुरक्षित रखने में भी बड़ी सहायता मिलेगी। नासा 6 जनवरी को ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरी दुनिया को इस मिशन की बारीकियां समझाएगा।

8 जनवरी को माइक फिंके रचेंगे इतिहास, जेना कार्डमैन का होगा पहला सफर
इस मिशन की सबसे रोमांचक तारीख 8 जनवरी है। इस दिन नासा के अनुभवी अंतरिक्ष यात्री माइक फिंके और जेना कार्डमैन स्टेशन के बाहर कदम रखेंगे। आपको जानकर हैरानी होगी कि माइक फिंके की यह 10वीं स्पेस वॉक होगी, जो किसी भी नासा वैज्ञानिक द्वारा की गई सबसे ज्यादा स्पेस वॉक के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेगी। वहीं, जेना कार्डमैन के लिए यह पहला अनुभव होगा। ये दोनों वैज्ञानिक 2A पावर चैनल को तैयार करेंगे ताकि भविष्य में वहां नए सोलर पैनल लगाए जा सकें।
15 जनवरी को होगा दूसरा महा-अभियान, बदले जाएंगे हाई-टेक कैमरे
ठीक एक हफ्ते बाद यानी 15 जनवरी को नासा फिर से एक और स्पेस वॉक करेगा। इस मिशन में अंतरिक्ष स्टेशन पर लगे पुराने हाई-डेफिनेशन कैमरों को बदला जाएगा। इसके साथ ही, आने वाले नए अंतरिक्ष यानों को रास्ता दिखाने के लिए एक नया नेविगेशन सिस्टम (प्लानर रिफ्लेक्टर) भी ‘हार्मोनी मॉड्यूल’ पर लगाया जाएगा। यह साल 2026 की पहली दो स्पेस वॉक होंगी और अंतरिक्ष स्टेशन के रख-रखाव के इतिहास में यह 278वां और 279वां मिशन होगा।