मतदाता जागरूकता की मुहिम में अग्रणी मीडिया संस्थानों को मिलेगा राष्ट्रीय गौरव, 07 जनवरी तक प्रविष्टियां भेजने का अंतिम अवसर
रायपुर (ए): लोकतंत्र की मजबूती में मीडिया की भूमिका का सम्मान भारत निर्वाचन आयोग ने लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव यानी चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने वाले मीडिया संस्थानों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। आयोग द्वारा ‘राष्ट्रीय मीडिया अवार्ड-2025’ की घोषणा की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन मीडिया घरानों को प्रोत्साहित करना है जिन्होंने वर्ष 2025 के दौरान मतदाता शिक्षा और जागरूकता (SVEEP) के क्षेत्र में असाधारण और प्रेरणादायक कार्य किया है। भारत निर्वाचन आयोग का मानना है कि मीडिया न केवल सूचना का प्रसार करता है, बल्कि नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति सचेत करने में एक सेतु का कार्य भी करता है। इसी महत्वपूर्ण योगदान को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए इन प्रविष्टियों को आमंत्रित किया गया है।
7 जनवरी तक जमा करनी होगी प्रविष्टियां पुरस्कार की दौड़ में शामिल होने के इच्छुक मीडिया संस्थानों के लिए समय सीमा काफी सीमित रखी गई है। सभी संस्थानों को अपनी सर्वश्रेष्ठ रिपोर्ट्स, कैंपेन और कार्यक्रमों का विवरण 07 जनवरी 2026 तक भारत निर्वाचन आयोग के नई दिल्ली स्थित कार्यालय ‘निर्वाचन सदन’ में भेजना अनिवार्य होगा। संस्थान अपनी प्रविष्टियों की हार्ड कॉपी डाक के माध्यम से अशोका रोड स्थित पते पर भेज सकते हैं या फिर आधुनिक संचार माध्यम का उपयोग करते हुए आधिकारिक ईमेल आईडी media_division@eci.gov.in पर भी अपनी डिजिटल एंट्री प्रेषित कर सकते हैं। 7 जनवरी के बाद प्राप्त होने वाली किसी भी प्रविष्टि पर आयोग द्वारा विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए संस्थानों को जल्द से जल्द अपनी फाइल तैयार करने की सलाह दी गई है।
चार अलग-अलग श्रेणियों में मिलेगा गौरवशाली पुरस्कार निर्वाचन आयोग ने मीडिया के बदलते स्वरूप को देखते हुए पुरस्कारों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है ताकि हर माध्यम के उत्कृष्ट कार्य को न्याय मिल सके। इसमें अखबारों और पत्रिकाओं के लिए प्रिंट मीडिया श्रेणी रखी गई है, जबकि टीवी चैनलों के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टेलीविजन) श्रेणी निर्धारित है। रेडियो की पहुंच को देखते हुए इसके लिए एक अलग श्रेणी बनाई गई है, वहीं डिजिटल युग की सक्रियता को देखते हुए ऑनलाइन पोर्टल, इंटरनेट मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए भी एक विशेष श्रेणी रखी गई है। आयोग प्रत्येक श्रेणी में सबसे प्रभावशाली और सकारात्मक बदलाव लाने वाले एक-एक संस्थान का चयन करेगा, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा प्रदान की जाएगी।

मूल्यांकन के कड़े मानक और चयन प्रक्रिया इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी और कड़े मानकों पर आधारित होगी। आयोग उन संस्थानों को प्राथमिकता देगा जिन्होंने निर्वाचन आयोग के आईटी एप्लीकेशन्स की जानकारी जनता तक पहुंचाई है और चुनाव से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं या फेक न्यूज़ का प्रभावी ढंग से खंडन किया है। इसके अलावा उन विशेष कार्यक्रमों और चर्चाओं को भी बारीकी से परखा जाएगा जिन्होंने विशिष्ट या दुर्गम क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर जाकर रिपोर्टिंग की है। केवल वही संस्थान इस पुरस्कार के हकदार बनेंगे जिन्होंने मतदाताओं तक सटीक, संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाने के साथ-साथ आम जनता के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने के ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए होंगे।
25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर होगा भव्य समारोह चयनित मीडिया संस्थानों को मिलने वाला यह सम्मान बेहद खास होगा क्योंकि इन्हें आगामी 25 जनवरी 2026 को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ के ऐतिहासिक अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में देश के गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में ये पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की नई पहलों को जन-जन तक पहुँचाने वाले मीडिया संस्थानों के लिए यह अपनी साख और विश्वसनीयता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का एक सुनहरा अवसर है। इस पुरस्कार के माध्यम से आयोग मीडिया जगत को लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना चाहता है।