महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: दिसंबर और जनवरी की किश्त एक साथ होगी जारी, जानें किन्हें मिलेगा लाभ
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र की करोड़ों महिलाओं के लिए मकर संक्रांति के पर्व से पहले एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार की अत्यंत लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ के तहत लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 3000 रुपये की राशि जमा की जा रही है। मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी से पहले प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की दोनों किश्तें एक साथ जारी करने का निर्णय लिया है। नए साल की शुरुआत में नवंबर की किश्त मिलने के बाद, अब एक साथ दो महीनों का पैसा मिलने से प्रदेश की महिलाओं में खुशी की लहर है।
ई-केवाईसी अनिवार्य, केवल पात्र महिलाओं को मिलेगा लाभ
सरकार ने इस बार भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है। प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, 3000 रुपये की यह संयुक्त किश्त केवल उन्हीं महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी जिन्होंने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। फर्जी लाभार्थियों को योजना से बाहर करने के उद्देश्य से सरकार ने 31 दिसंबर तक की समयसीमा तय की थी। जिन महिलाओं ने इस प्रक्रिया को नजरअंदाज किया है, उन्हें इस बार की किश्त से वंचित रहना पड़ सकता है।
तकनीकी बाधाएं दूर, खातों में पैसा भेजने की तैयारी तेज
पिछले दो महीनों से चुनाव आचार संहिता और अन्य तकनीकी कारणों के चलते योजना की किश्तें समय पर जारी नहीं हो सकी थीं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि नवंबर, दिसंबर और जनवरी की कुल 4500 रुपये की राशि एक साथ दी जाएगी, लेकिन राज्य सरकार ने पिछले हफ्ते केवल नवंबर महीने की राशि जारी की थी। अब मकर संक्रांति के शुभ अवसर को देखते हुए सरकार ने शेष दो महीनों की बकाया राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से बहनों के खातों में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
मकर संक्रांति से पहले खातों में क्रेडिट होगी राशि
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्यौहार मनाने से पहले ही प्रदेश की हर पात्र लाडली बहन की आर्थिक मदद सुनिश्चित हो सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बैंक खातों में राशि जमा करने की तकनीकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगले 48 से 72 घंटों के भीतर महिलाओं के मोबाइल पर राशि प्राप्त होने के संदेश मिलने शुरू हो जाएंगे। यह कदम न केवल महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करेगा, बल्कि आगामी त्यौहारों के उत्साह को भी दोगुना कर देगा।