- ऑनलाइन चैनलों पर फैली अफवाह, धरना स्थल से नहीं जुड़ी दोनों मौतें
- एक महिला की मौत इलाज के दौरान, दूसरी पहले से थी गंभीर बीमार
तूता धरना स्थल पर हड़ताल के दौरान दो रसोईयों की मौके पर मृत्यु की खबरों को लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही मौतों का धरना स्थल या हड़ताल से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और सोशल मीडिया व कुछ ऑनलाइन न्यूज चैनलों में फैलाई जा रही जानकारी वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं है।
रायपुर। कुछ ऑनलाइन न्यूज चैनलों द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि तूता धरना स्थल पर हड़ताल में शामिल दो रसोईयों की तबीयत बिगड़ने से मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस प्रकार की खबरें पूर्णतः भ्रामक, तथ्यहीन और अफवाह पर आधारित हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार हड़ताल पर बैठे रसोईयों के प्रतिनिधियों से संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय तथा सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चर्चा की गई थी। इस दौरान शासन की ओर से रसोईयों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए उनके मानदेय में 25 प्रतिशत वृद्धि, यानी 500 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने की जानकारी दी गई थी और उनसे हड़ताल समाप्त कर अपने-अपने निवास स्थान लौटने का आग्रह किया गया था। इसके बावजूद कुछ रसोईयों ने धरना स्थल पर बने रहने का निर्णय लिया।
जिन दो रसोईयों की मृत्यु को धरना स्थल से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, उनमें से एक महिला बालोद जिले की निवासी थी। वह 20 और 21 जनवरी को धरना स्थल पर उपस्थित रही थी, लेकिन बाद में अपने गृह जिले लौट गई थी। वहां तबीयत बिगड़ने पर उसे दल्ली राजहरा स्थित शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हुई।
दूसरी महिला रसोईया बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड की निवासी थी, जो पहले से ही गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। उसका उपचार भिलाई स्थित शंकराचार्य अस्पताल में चल रहा था, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही मामलों में रसोईयों की मृत्यु का धरना स्थल अथवा हड़ताल से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। राज्य शासन रसोईयों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह सजग और संवेदनशील है। शासन द्वारा उनके हित में आवश्यक निर्णय और कार्यवाही लगातार की जा रही है।