कृषि उपज मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और शासकीय राजस्व की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाते हुए नगरी कृषि उपज मंडी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम घुटकेल स्थित थोक धान व्यापारी शिवम ट्रेडर्स के विरुद्ध गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर फर्म को सीलबंद कर दिया गया है, वहीं संचालक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
रायपुर। नगरी कृषि उपज मंडी क्षेत्र अंतर्गत धान व्यापार में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्राम घुटकेल स्थित थोक धान व्यापारी शिवम ट्रेडर्स द्वारा ई-मंडी व्यवस्था का दुरुपयोग कर अवैध रूप से धान परिवहन किए जाने की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए फर्म को सीलबंद कर दिया है। साथ ही फर्म संचालक के विरुद्ध थाना बोराई में FIR दर्ज कराई गई है।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगरी के आदेश पर गठित चार सदस्यीय जांच दल ने 11 जनवरी 2026 को मौके पर निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। इसके पश्चात 14 जनवरी को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में ई-मंडी/एग्री पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्रों, स्टॉक पंजी (बी-1) तथा बोराई मंडी चेक पोस्ट के आवक-जावक अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया।
जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि फर्म द्वारा स्टॉक पंजी में दर्शाई गई धान की जावक मात्रा, ई-मंडी पोर्टल से जारी वैध अनुज्ञा पत्रों की तुलना में अधिक थी। कई मामलों में पीडीएफ दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर धान की मात्रा बढ़ाई गई तथा बिना वैध अनुज्ञा पत्र के परिवहन किया गया। इतना ही नहीं, चेक पोस्ट पर भी संशोधित व फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
जांच दल के अनुसार कुल 47 अनुज्ञा पत्रों में कूट रचना कर लगभग 5,656 क्विंटल धान का अवैध परिवहन किया गया। इससे छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 के तहत मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क एवं निराश्रित शुल्क सहित करीब ₹2.48 लाख के कर अपवंचन की संभावना पाई गई है।
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगरी के निर्देश पर शिवम ट्रेडर्स को मौके पर ही सीलबंद कर दिया गया। साथ ही फर्म संचालक संतोष खंडेलवाल के विरुद्ध कूट रचना कर फर्जी अनुज्ञा पत्र तैयार करने एवं अवैध परिवहन के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 339 एवं 340 के तहत थाना बोराई में FIR दर्ज की गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता, किसानों के हितों की रक्षा और शासकीय राजस्व का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर अपवंचन, दस्तावेजों में छेड़छाड़ अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर आगे भी सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंडी क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान निरंतर चलाया जाएगा।