हेल्थ अलर्ट: गुलाबी जीभ मतलब आप हैं पूरी तरह फिट, लेकिन लाल-नीली या काली जीभ है कैंसर और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों की चेतावनी
क्या आप जानते हैं कि आपकी जीभ आपके शरीर का सबसे बड़ा ‘अलार्म सिस्टम’ है? अक्सर हम इसे सिर्फ स्वाद का जरिया समझते हैं, लेकिन चिकित्सा जगत में जीभ को ‘सेहत का आईना’ कहा जाता है। आपकी जीभ का बदला हुआ रंग इस बात का सीधा सबूत है कि आपके शरीर के अंदर कोई बड़ी बीमारी पनप रही है। अगर आप इसे समय रहते पहचान लें, तो आप हार्ट अटैक, लिवर फेलियर और विटामिन की गंभीर कमी जैसी समस्याओं से बच सकते हैं।
गुलाबी और साफ जीभ: उत्तम स्वास्थ्य की निशानी
एक स्वस्थ व्यक्ति की जीभ का प्राकृतिक रंग हल्का गुलाबी होता है। इस पर छोटे-छोटे दाने (Papillae) होते हैं, जो स्वाद पहचानने में मदद करते हैं। अगर आपकी जीभ का रंग गुलाबी है और उस पर कोई मोटी परत नहीं जमी है, तो इसका मतलब है कि आपका पाचन तंत्र सही काम कर रहा है और शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं है। हालांकि, गुलाबी रंग के साथ हल्की सफेद परत का होना सामान्य माना जाता है, जो रोजमर्रा की सफाई से दूर हो जाती है।
सफेद और पीली जीभ: संक्रमण और खराब पाचन का संकेत
यदि आपकी जीभ पर सफेद रंग की मोटी परत जमी है, तो यह ‘ओरल थ्रश’ (एक प्रकार का फंगल इन्फेक्शन) या डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। सफेद जीभ यह भी बताती है कि आपका पेट साफ नहीं है। वहीं, जीभ का पीला होना लीवर या पित्त (Bile) की समस्याओं की ओर इशारा करता है। पीली जीभ अक्सर तब होती है जब शरीर में गर्मी बढ़ जाती है या पीलिया (Jaundice) की शुरुआत होती है। इसके अलावा, जो लोग ज्यादा धूम्रपान करते हैं, उनकी जीभ पर भी पीलापन दिखाई दे सकता है।
लाल और काली जीभ: विटामिन की कमी और बैक्टीरिया का जमाव
जीभ का गहरा लाल होना (जैसे स्ट्रॉबेरी का रंग) शरीर में विटामिन B12 और फोलिक एसिड की भारी कमी को दर्शाता है। इसे ‘ग्लोसाइटिस’ भी कहा जाता है, जिसमें जीभ में सूजन और जलन महसूस हो सकती है। वहीं, जीभ का काला या गहरा भूरा होना सुनने में डरावना लग सकता है, लेकिन यह अक्सर खराब मौखिक स्वच्छता (Oral Hygiene), अत्यधिक चाय-कॉफी के सेवन या एंटीबायोटिक्स के साइड इफेक्ट के कारण होता है। काली जीभ पर बैक्टीरिया का जमाव ज्यादा होता है, जिसे सफाई से ठीक किया जा सकता है।
नीली या बैंगनी जीभ: हृदय और रक्त संचार की समस्या
अगर आपकी जीभ का रंग नीला या बैंगनी दिखाई दे रहा है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। यह इस बात का संकेत है कि आपके रक्त में ऑक्सीजन की कमी है या आपका रक्त संचार (Blood Circulation) सही ढंग से नहीं हो रहा है। नीली जीभ हृदय रोग या फेफड़ों की समस्याओं (जैसे अस्थमा या निमोनिया) का प्रारंभिक लक्षण हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करना अनिवार्य है।
जीभ को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
डॉक्टरों की सलाह है कि ब्रश करने के साथ-साथ ‘टंग क्लीनर’ (जीभ साफ करने वाला) का उपयोग जरूर करें। दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं ताकि जीभ में नमी बनी रहे और बैक्टीरिया न पनपें। यदि जीभ के रंग में बदलाव के साथ-साथ दर्द, छाले या गांठ महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। याद रखें, आपकी जीभ केवल स्वाद के लिए नहीं है, बल्कि यह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य का रक्षक भी है।