एक्सपर्ट डॉक्टर से जानें क्यों रात में बढ़ जाती है खांसी और क्या हैं इसके बचाव के 6 अचूक घरेलू उपाय
सर्दियों के इस मौसम में अक्सर लोगों को सूखी खांसी यानी बिना बलगम वाली खांसी की समस्या परेशान करती है। इसे मेडिकल भाषा में ‘ड्राय कफ’ कहा जाता है, जिसमें गले में लगातार खराश, जलन और चुभन महसूस होती है। दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल के अनुसार, सूखी खांसी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है क्योंकि यह सिर्फ एक सामान्य समस्या नहीं बल्कि अस्थमा, एसिड रिफ्लक्स या किसी गंभीर संक्रमण का शुरुआती लक्षण हो सकती है। आमतौर पर यह समस्या एलर्जी, प्रदूषण या वायरल इन्फेक्शन के बाद रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में आई सूजन के कारण होती है। अगर आपको हंसते, बोलते या ठंडी हवा के संपर्क में आते ही खांसी तेज हो जाती है, तो आपको सतर्क होने की जरूरत है।
रात में क्यों बढ़ जाती है सूखी खांसी और क्या है इसके पीछे का विज्ञान
ज्यादातर मरीजों में यह देखा गया है कि सूखी खांसी दिन के मुकाबले रात में सोते समय या लेटने पर बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण शरीर की पोजीशन होती है क्योंकि जब हम लेटते हैं, तो गले और सांस की नली में जमा इरिटेशन साफ नहीं हो पाता और खांसी का रिफ्लेक्स ज्यादा एक्टिव हो जाता है। इसके अलावा रात के समय एसिड रिफ्लक्स की समस्या भी बढ़ जाती है, जिससे पेट का एसिड ऊपर की तरफ आकर गले में जलन पैदा करता है। साथ ही रात की ठंडी और खुश्क हवा गले को और ज्यादा सुखा देती है, जिससे नींद बार-बार टूटती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर खांसी दो हफ्ते से ज्यादा बनी रहे, तो ब्लड टेस्ट, चेस्ट एक्स-रे या एलर्जी टेस्ट जैसे मेडिकल चेकअप तुरंत कराने चाहिए ताकि सही कारण का पता चल सके।
6 घरेलू नुस्खे और वे स्थितियां जिनमें डॉक्टर के पास जाना है अनिवार्य
हल्की सूखी खांसी में कुछ घरेलू उपाय बहुत कारगर साबित होते हैं जो गले की नमी बनाए रखने में मदद करते हैं। गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करना, शहद और अदरक के रस का सेवन, काली मिर्च और मिश्री का मिश्रण, और मुलेठी चूसना गले की जलन को कम करने के बेहतरीन तरीके हैं। इसके अलावा भाप लेना और हर्बल चाय पीना भी काफी राहत देता है। हालांकि, यदि खांसी के साथ सांस लेने में तकलीफ हो, सीने में दर्द हो, लगातार तेज बुखार बना रहे या खांसते समय खून आए, तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें। बिना इलाज के लंबे समय तक बनी रहने वाली सूखी खांसी फेफड़ों की गंभीर बीमारी या टीबी का रूप ले सकती है, इसलिए समय पर विशेषज्ञ की सलाह और सही दवा लेना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।