गूगल से नंबर निकालना पड़ा महंगा: टेबल बुक करने के चक्कर में डॉक्टर ने गंवाए 83 हजार, ठगी का नया पैंतरा आया सामने
राय्पुइर (ए) : राजधानी रायपुर में ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शातिर ठगों ने अब समाज के पढ़े-लिखे वर्ग और व्यापारियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामलों में पंडरी इलाके के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर और एक स्थानीय कारोबारी साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर लाखों रुपये गंवा चुके हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है, लेकिन इन वारदातों ने डिजिटल सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
डॉक्टर के साथ ‘सयाजी होटल’ के नाम पर खेल
पंडरी निवासी डॉक्टर सिद्धार्थ नंदा को एक फैमिली डिनर के लिए होटल में टेबल बुक कराना महंगा पड़ गया। उन्होंने गूगल पर ‘सयाजी होटल’ का नंबर सर्च किया, जो दरअसल ठगों द्वारा डाला गया एक फेक नंबर था। कॉल करने पर ठग ने खुद को होटल का कर्मचारी बताया और टेबल रिजर्वेशन के लिए 1000 रुपये जमा करने को कहा। जैसे ही डॉक्टर ने अपने अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड की जानकारी साझा की, उनके फोन पर ताबड़तोड़ 6-7 ओटीपी (OTP) आने लगे। ठगी का अहसास होते ही उन्होंने कार्ड ब्लॉक कराया, लेकिन तब तक उनके खाते से 83,454 रुपये पार हो चुके थे।
आर्मीमैन बनकर कारोबारी से 4 लाख की ठगी
ठगी का दूसरा मामला और भी हैरान करने वाला है, जहाँ जालसाजों ने भरोसे का गलत इस्तेमाल किया। एक स्थानीय कारोबारी को ठगों ने फोन कर खुद को भारतीय सेना (Army) का जवान बताया। सेना के नाम पर विश्वास दिलाकर ठगों ने कारोबारी को अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग किस्तों में 4 लाख रुपये से अधिक हड़प लिए। कारोबारी को जब तक असलियत पता चलती, ठग अपना फोन बंद कर चुके थे। रायपुर पुलिस अब इन बैंक खातों और मोबाइल नंबर्स को ट्रेस करने में जुटी है।
गूगल सर्च और ‘फेक कॉल’ से रहें सावधान
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठगों ने गूगल मैप्स और सर्च इंजन पर नामी होटलों, अस्पतालों और शोरूम के नंबरों को एडिट कर अपने नंबर डाल दिए हैं। जब कोई ग्राहक इन नंबरों पर कॉल करता है, तो वे सीधे ठगों के पास पहुंच जाते हैं। डॉक्टर नंदा के मामले में भी यही हुआ। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड का नंबर, सीवीवी (CVV) या ओटीपी साझा न करें, चाहे वह खुद को कितना भी बड़ा अधिकारी या कर्मचारी क्यों न बताए।
पुलिस की अपील: तुरंत करें ‘1930’ पर कॉल
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या ‘cybercrime.gov.in’ पर शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती एक-दो घंटों (गोल्डन ऑवर) में शिकायत दर्ज होने पर पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। फिलहाल, पंडरी और संबंधित थानों की पुलिस तकनीकी सेल की मदद से आरोपियों के लोकेशन खंगाल रही है।