पूर्व नक्सलियों को आत्मनिर्भर बनाने ‘स्वावलंबी भारत अभियान’ के तहत बैठक, स्वरोजगार से जुड़ने का मिला संकल्प
मुख्यधारा में लौट रहे युवाओं के जीवन में नई दिशा और आत्मसम्मान भरने की पहल सुकमा के पुनर्वास केंद्र में देखने को मिली, जहाँ ‘स्वावलंबी भारत अभियान’ के अंतर्गत एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस आयोजन का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ चुके पूर्व नक्सलियों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और समाज में सम्मानजनक पुनर्स्थापना सुनिश्चित करना था।
सुकमा। सुकमा पुनर्वास केंद्र में आयोजित ‘स्वावलंबी भारत अभियान’ की बैठक आशा, बदलाव और नए जीवन की संभावनाओं का प्रतीक बनकर सामने आई। वर्षों तक भटकाव और संघर्ष के रास्ते पर रहे युवाओं के लिए यह मंच आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ने का सशक्त माध्यम बना।

बैठक में जिला अध्यक्ष श्री केशव दुबौलिया, श्री धनीराम जी, प्रांत पूर्णकालिक श्री शंकर त्रिपाठी जी तथा संभाग स्वावलंबन केंद्र प्रमुख श्री सुमित दास जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने पूर्व नक्सलियों से सीधा संवाद कर उन्हें स्वरोजगार, कौशल विकास और आत्मसम्मान से जुड़े अवसरों की जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार और सामाजिक संगठनों का लक्ष्य केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि इन युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाना है। चर्चा के दौरान स्वरोजगार के विभिन्न विकल्पों, प्रशिक्षण योजनाओं और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से बात हुई।
बैठक का माहौल सकारात्मक और प्रेरणादायी रहा। पूर्व नक्सलियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए नए जीवन की शुरुआत को लेकर उत्साह और विश्वास जताया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण बना कि संवाद, विश्वास और अवसर मिलें तो हिंसा की जगह हुनर, संगीत और मेहनत जीवन की नई पहचान बन सकते हैं।