7 फरवरी से शुरू होगा क्रिकेट का सबसे बड़ा महाकुंभ और 20 टीमों के बीच खिताब के लिए सजेगी जंग
स्पोर्ट्स डेस्क (ए)। क्रिकेट प्रेमियों का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है। आगामी 7 फरवरी से टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होने जा रहा है। आईसीसी के इस मेगा इवेंट में दुनिया की 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। इस बार टूर्नामेंट का ग्रुप-डी सबसे चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान जैसी टीमें एक साथ मौजूद हैं। वहीं, पूरी दुनिया की नजरें ग्रुप-ए पर टिकी हैं, जहां भारत और पाकिस्तान की पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी।
ग्रुप-ए: भारत और पाकिस्तान की राह में अमेरिका का खतरा
ग्रुप-ए में मौजूदा चैंपियन भारत के साथ पाकिस्तान, नीदरलैंड, अमेरिका और नामीबिया शामिल हैं। कागजों पर भारत और पाकिस्तान मजबूत नजर आ रहे हैं, लेकिन पिछले वर्ल्ड कप में अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को दी गई शिकस्त ने सबको सतर्क कर दिया है। नीदरलैंड भी बड़ी टीमों को उलटफेर का शिकार बनाने के लिए जानी जाती है, ऐसे में इस ग्रुप में किसी भी टीम को हल्के में लेना जोखिम भरा हो सकता है।
ग्रुप-बी और ग्रुप-सी का समीकरण
ग्रुप-बी में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका की स्थिति काफी मजबूत है। इनके साथ आयरलैंड, ओमान और जिम्बाब्वे मौजूद हैं। घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा श्रीलंका को मिल सकता है। वहीं, ग्रुप-सी में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी दो-दो बार की चैंपियन टीमें आमने-सामने होंगी। इस ग्रुप में नेपाल को ‘डार्क हॉर्स’ माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में नेपाल ने वेस्टइंडीज और अमेरिका जैसी टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है।
ग्रुप-डी: क्यों कहा जा रहा है इसे ग्रुप ऑफ डेथ
ग्रुप-डी में पिछली फाइनलिस्ट दक्षिण अफ्रीका, 2021 की रनर-अप न्यूजीलैंड और पिछले वर्ल्ड कप की सेमीफाइनलिस्ट अफगानिस्तान एक साथ हैं। इनके साथ कनाडा और यूएई की टीमें भी मौजूद हैं। इस ग्रुप को सबसे अनप्रिडिक्टेबल (अनिश्चित) माना जा रहा है, क्योंकि अफगानिस्तान की टीम किसी भी दिन बड़ी टीम का खेल बिगाड़ने की क्षमता रखती है।
भारतीय टीम का स्क्वाड और कप्तानी
इस बार भारतीय टीम की कमान सूर्यकुमार यादव के हाथों में है। टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और तिलक वर्मा जैसे युवा सितारों के साथ-साथ जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय फैंस को उम्मीद है कि टीम इंडिया एक बार फिर अपने खिताब का बचाव करने में सफल रहेगी।