दुर्ग में आयोजित पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक में लिए गए अहम फैसले; आईटी पार्क को लेकर भी बनी रणनीति
भिलाई (ए)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को दुर्ग में ‘छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण’ की एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। दुर्ग के पीडब्ल्यूडी (PWD) मीटिंग रूम में आयोजित इस बैठक में ग्रामीण और पिछड़ा वर्ग बहुल क्षेत्रों के कायाकल्प को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास की योजनाओं को पहुँचाना है। बैठक में न केवल बजट को लेकर चर्चा हुई, बल्कि प्रदेश में आईटी पार्क के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
विकास कार्यों की झड़ी: 72 करोड़ रुपये के बजट को औपचारिक मंजूरी
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण के बजट की रूपरेखा रखी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1,006 विभिन्न विकास कार्यों हेतु लगभग 72.20 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति पहले ही जारी की जा चुकी थी, जिसे अब प्राधिकरण ने औपचारिक रूप से अपनी मुहर लगा दी है। इसके साथ ही, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में मंजूर किए गए 79.56 करोड़ रुपये के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इन कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
हाई-लेवल मीटिंग में जुटे दिग्गज: विकास का खाका तैयार
दुर्ग में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन और प्रशासन के तमाम बड़े चेहरे मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के सभी कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित संभागीय कमिश्नर और पुलिस महानिरीक्षक (IG) भी शामिल हुए। सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय सचिवों को मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए कि मंजूर किए गए कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास की जरूरतों को साझा किया, जिसे आगामी योजनाओं में शामिल करने का आश्वासन दिया गया।
आईटी पार्क और पिछड़ा वर्ग विकास पर विशेष फोकस
बैठक का एक मुख्य आकर्षण आईटी पार्क को लेकर लिया गया फैसला रहा। सरकार राज्य में तकनीकी निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आईटी सेक्टर को मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण एवं पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्राधिकरण के फंड का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस बैठक को प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में आर्थिक और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पिछड़ा वर्ग समुदाय के कल्याण की राह आसान होगी।