केंद्र सरकार ने मंजूर किए 77.36 करोड़ रुपये; डिप्टी सीएम अरुण साव की पहल पर नेशनल हाईवे-53 का होगा कायाकल्प
भिलाई (ए)। राजधानी रायपुर और ट्विन सिटी भिलाई-दुर्ग के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करने और वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सिरसा गेट और खुर्सीपार गेट चौक पर ‘ग्रेड सेपरेटर’ के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के विशेष प्रयासों के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए 77 करोड़ 36 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस निर्माण के बाद रायपुर से दुर्ग के बीच का ट्रैफिक न केवल फास्ट हो जाएगा, बल्कि यात्रियों के समय की भी भारी बचत होगी।
निर्बाध सफर के लिए राज्य और केंद्र का बड़ा फैसला
भारत सरकार ने राज्य शासन के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना के तहत इस बजट को मंजूरी दी है। रायपुर और दुर्ग के बीच कुम्हारी, डबरा पारा, पावर हाउस और सुपेला जैसे प्रमुख चौकों पर पहले ही फ्लाईओवर का निर्माण किया जा चुका है, लेकिन सिरसा गेट और खुर्सीपार चौक पर ग्रेड सेपरेटर न होने से यहां अक्सर ट्रैफिक का दबाव बना रहता था। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों की लंबे समय से की जा रही इस मांग को देखते हुए सरकार ने अब इन दोनों महत्वपूर्ण जंक्शनों को भी सिग्नल फ्री करने का निर्णय लिया है।
यात्रियों के साथ उद्योगों को भी मिलेगी बड़ी राहत
यह मार्ग न केवल आम यात्रियों के लिए लाइफलाइन है, बल्कि रायपुर-भिलाई-दुर्ग के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी रीढ़ की हड्डी के समान है। ग्रेड सेपरेटर के निर्माण से भारी मालवाहक वाहनों और उद्योगों से जुड़े लॉजिस्टिक्स को बिना किसी रुकावट के आवाजाही की सुविधा मिलेगी। अब दोनों शहरों के बीच के सभी प्रमुख चौकों पर फ्लाईओवर और ग्रेड सेपरेटर की सुविधा उपलब्ध होने से यह पूरा कॉरिडोर एक ‘फास्ट ट्रैक’ में बदल जाएगा। इससे ईंधन की बचत होगी और औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार भी बढ़ेगी।
शाम के वक्त लगने वाले लंबे जाम और हादसों पर लगेगा अंकुश
सिरसा गेट और खुर्सीपार गेट चौक पर वर्तमान में स्थिति यह है कि रोजाना, विशेषकर शाम के समय, वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। जाम के कारण होने वाली जल्दबाजी में कई बार यहां गंभीर सड़क हादसे भी हो चुके हैं। ग्रेड सेपरेटर बनने से वाहनों को क्रॉसिंग के लिए रुकना नहीं पड़ेगा और अलग-अलग दिशाओं का ट्रैफिक बिना टकराए अपनी मंजिल की ओर बढ़ सकेगा। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग अब जल्द ही इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है, जिससे आने वाले समय में रायपुर-दुर्ग का सफर बेहद सुखद हो जाएगा।