‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के तहत आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य; मोबाइल ऐप से भी घर बैठे पूरी होगी प्रक्रिया
भिलाई (ए) । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में राशनकार्ड धारकों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी राशन कार्ड सदस्यों का आधार प्रमाणीकरण यानी ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में वर्तमान में प्रचलित 4 लाख 96 हजार से अधिक राशनकार्डों में कुल 16 लाख 86 हजार सदस्य पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 1 लाख 99 हजार 474 सदस्यों ने अब तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि 28 फरवरी तक यह कार्य पूर्ण नहीं किया गया, तो संबंधित सदस्यों को भविष्य में खाद्यान्न प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
राशन दुकानों और ई-पास मशीन के जरिए सुलभ हुई सुविधा
खाद्य विभाग ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों को निर्देशित किया है। खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया के अनुसार, सभी राशन दुकानों में संचालित ई-पास मशीनों के माध्यम से सदस्य अपना अंगूठा लगाकर ई-केवाईसी करवा सकते हैं। विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत सदस्यों का डेटा सत्यापित करना है ताकि राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और केवल पात्र हितग्राहियों को ही योजना का लाभ मिले।
‘मेरा ई-केवाईसी’ ऐप से घर बैठे सत्यापन का विकल्प
तकनीक का लाभ उठाते हुए सरकार ने हितग्राहियों को घर बैठे सत्यापन की सुविधा भी प्रदान की है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा जारी ‘मेरा ई-केवाईसी’ एंड्रॉयड ऐप का उपयोग किया जा सकता है। उपभोक्ता गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड कर, अपने राज्य का चयन करने के बाद आधार नंबर और ओटीपी (OTP) के माध्यम से ‘फेस ई-केवाईसी’ की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए विशेष रूप से मददगार है जो व्यक्तिगत रूप से राशन दुकान तक पहुँचने में असमर्थ हैं।
प्रशासन की अपील: समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान
दुर्ग जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने सभी राशनकार्डधारकों से अपील की है कि वे इस अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपने परिवार के शेष सदस्यों का ई-केवाईसी पूर्ण कराएं। 28 फरवरी के बाद ई-केवाईसी न होने की स्थिति में तकनीकी रूप से राशन कार्ड से नाम कटने या खाद्यान्न आवंटन रुकने की संभावना बनी रहेगी। नागरिक किसी भी प्रकार की सहायता के लिए अपनी समीपस्थ उचित मूल्य दुकान से संपर्क कर सकते हैं या विभाग के हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कर सकते हैं।