- कार को टक्कर मारकर रोका, पिस्टल और हथौड़े से किया जानलेवा वार
- 2 किलो 200 ग्राम सोना और लाखों की नकदी लेकर बदमाश फरार
- CCTV में कैद वारदात, शहरभर में नाकेबंदी
- आउटर में मिली कारोबारी की कार, चोरी के वाहनों का इस्तेमाल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में मंगलवार रात एक सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई। सरकंडा थाना क्षेत्र में सराफा कारोबारी संतोष तिवारी पर हमला कर बदमाश करीब 3 करोड़ 35 लाख रुपए मूल्य का सोना और नकदी लूट ले गए। हमलावरों ने पहले कार को टक्कर मारकर रोका, फिर पिस्टल और हथौड़े से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर वारदात को अंजाम दिया।
बिलासपुर। शहर के पॉश इलाके राजकिशोर नगर निवासी संतोष तिवारी की वसंत विहार चौक स्थित महालक्ष्मी ज्वेलरी नाम से दुकान है। रोज की तरह मंगलवार रात करीब 8.30 बजे वे दुकान बंद कर बिक्री के लिए रखे सोने के जेवर कार में लेकर घर लौट रहे थे।
बीएसएनएल ऑफिस गली के तिराहे पर पहुंचते ही पहले से खड़ी एक सफेद कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद जैसे ही वे बाहर निकले, कार सवार बदमाशों ने विवाद शुरू कर दिया। कुछ ही पलों में स्थिति हिंसक हो गई और आरोपियों ने पिस्टल निकाल ली।
इसी दौरान बाइक सवार उनके अन्य साथी भी मौके पर पहुंच गए। बदमाशों ने पिस्टल की बट और हथौड़े से कारोबारी के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। झूमाझटकी में पिस्टल की मैगजीन नीचे गिर गई, जिसे पुलिस ने बाद में बरामद किया। हमले में संतोष तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
कितना माल ले गए बदमाश
लुटेरे कारोबारी की कार समेत लगभग 2 किलो 200 ग्राम सोना और करीब 3 लाख 50 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए। कुल लूट की रकम लगभग 3.35 करोड़ रुपए आंकी गई है।
CCTV में कैद हुई वारदात
घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें आरोपी हमला करते दिखाई दे रहे हैं। एक संदिग्ध के फायरिंग करते नजर आने की भी बात कही जा रही है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मौके से एक मैगजीन और जिंदा राउंड बरामद हुए हैं।
खून से लथपथ थाने पहुंचे कारोबारी
हमले के बाद घायल संतोष तिवारी किसी तरह घर पहुंचे और रिश्तेदार के साथ सरकंडा थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। उन्हें तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सिर पर गंभीर चोट के कारण करीब 50 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल वे ICU में भर्ती हैं।
आउटर में मिली कार, चोरी के वाहन इस्तेमाल
पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। बाद में सीपत क्षेत्र के उरतुम के पास कारोबारी की कार बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने वारदात में चोरी की कार और बाइक का इस्तेमाल किया। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि गिरोह ने पहले से रेकी कर पूरी योजना बनाई थी।
बाहरी गिरोह की आशंका
पुलिस को शक है कि इस लूट में बाहरी गैंग के साथ स्थानीय युवकों की भी संलिप्तता हो सकती है, जिन्हें कारोबारी की दिनचर्या की जानकारी थी।
अधिकारियों ने संभाली कमान

घटना की सूचना मिलते ही आईजी रामगोपाल गर्ग सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को जांच में लगाया गया है। शहर के सभी एग्जिट पॉइंट पर नाकेबंदी कर दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।