ईरानी रक्षामंत्री और IRGC कमांडर के मारे जाने का दावा; जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजराइल व खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर 400 मिसाइलें दागीं
तेल अवीव/तेहरान (ए)। पश्चिम एशिया में तनाव पूर्ण युद्ध की शक्ल लेता दिख रहा है। शनिवार तड़के इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल हैं। जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों मिसाइलें दाग दीं।
मध्य पूर्व में जारी टकराव शनिवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया, जब इजराइल ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ समन्वित कार्रवाई करते हुए ईरान के 10 प्रमुख शहरों को निशाना बनाया। राजधानी तेहरान सहित कई रणनीतिक ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की पुष्टि ईरानी समाचार एजेंसियों ने की है।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 से अधिक घायल हैं। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है। अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि हमले में ईरान के रक्षामंत्री अमीर नासिरजादेह और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हो गई। हालांकि, ईरान सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हमले के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए की गई है। उनके बयान के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
जवाबी कदम उठाते हुए ईरान ने इजराइल पर लगभग 400 मिसाइलें दागने का दावा किया है। इसके साथ ही कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। खाड़ी क्षेत्र में कई स्थानों पर सायरन बजते रहे और वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दी गईं।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात के सबसे अधिक आबादी वाले शहर दुबई पर भी मिसाइल हमले का दावा किया। हालांकि, नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है, लेकिन फिलहाल हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।