- दोपहर 3:20 बजे से शुरू होगा खगोलीय घटनाक्रम
- पूर्ण चरण 4:34 से 5:33 बजे तक
- छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में दिखेगा 41 मिनट का दृश्य
- मैग्निट्यूड 1.155, पूर्ण चंद्रग्रहण की श्रेणी में शामिल
आज मंगलवार को आकाश में दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। पूर्णिमा की रात लगने वाला पूर्ण चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होगा। देश के अधिकांश हिस्सों में यह ग्रहण दिखाई देगा, जबकि छत्तीसगढ़ में केवल राजधानी रायपुर में इसका अंतिम आंशिक चरण ही नजर आएगा।
दोपहर से शुरू होगा ग्रहण
भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:20 बजे होगी। ग्रहण का पूर्ण चरण, जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया (उम्ब्रा) में रहेगा, शाम 4:34 बजे से 5:33 बजे तक रहेगा। इसके बाद चंद्रमा धीरे-धीरे छाया से बाहर निकलने लगेगा और शाम 6:48 बजे ग्रहण पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
देश और दुनिया में कहां दिखेगा
यह खगोलीय घटना केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगी। पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर क्षेत्र और अमेरिका के कई हिस्सों में भी यह चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा। भारत में अधिकतर स्थानों पर ग्रहण का अंतिम चरण चंद्रोदय के समय दिखाई देगा। पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में पूर्ण चरण भी नजर आ सकता है।
छत्तीसगढ़ में सिर्फ रायपुर में दिखेगा
छत्तीसगढ़ में यह चंद्रग्रहण केवल राजधानी रायपुर में दिखाई देगा। हालांकि यहां पूर्ण चरण नहीं दिखेगा। रायपुर में चंद्रमा का उदय शाम 6:07 बजे होगा। उस समय ग्रहण अपने अंतिम चरण में रहेगा, इसलिए करीब 41 मिनट तक आंशिक ग्रहण दिखाई देगा। शाम 6:48 बजे तक छाया पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
क्यों लगता है चंद्रग्रहण?
खगोल विज्ञान के अनुसार, पूर्णिमा के दिन जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी बीच में आकर अपनी छाया चंद्रमा पर डालती है, तब चंद्रग्रहण होता है।
- पूरा चंद्रमा जब पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाए तो पूर्ण चंद्रग्रहण।
- आंशिक हिस्सा छाया में आए तो आंशिक चंद्रग्रहण।
1.155 मैग्निट्यूड का मतलब
इस ग्रहण का परिमाण (मैग्निट्यूड) 1.155 है। वैज्ञानिकों के अनुसार यदि यह मान 1.0 से अधिक हो तो चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में प्रवेश कर चुका होता है। 1.155 का अर्थ है कि चंद्रमा का पूरा भाग छाया में गया और लगभग 15.5% अतिरिक्त हिस्सा भी उम्ब्रा में प्रवेश किया। यही कारण है कि इसे पूर्ण चंद्रग्रहण की श्रेणी में रखा गया है।
रायपुर में नहीं दिखेगा ‘ब्लड मून’
पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। लेकिन रायपुर में पूर्ण चरण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां लालिमा वाला दृश्य देखने को नहीं मिलेगा। चंद्रोदय के समय चांद हल्का कटा या धुंधला दिखाई देगा और धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा।
पिछला और अगला ग्रहण
भारत में इससे पहले 7-8 सितंबर 2025 को पूर्ण चंद्रग्रहण देखा गया था। अगला चंद्रग्रहण 6 जुलाई 2028 को लगेगा, जो आंशिक रूप में दिखाई देगा।