सम्राट चौधरी सबसे आगे, विजय चौधरी भी चर्चा में; BJP के फॉर्मूले पर टिकी नजर
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्यसभा जाने का ऐलान कर संकेत दे दिया है कि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन तय है। इसके साथ ही सत्ता के गलियारों में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्या पहली बार बिहार को पूर्णकालिक भाजपा मुख्यमंत्री मिलेगा या फिर जदयू का ही कोई चेहरा कमान संभालेगा — यही अब सबसे बड़ा सवाल है।
CM रेस में ये नाम सबसे आगे
सूत्रों के मुताबिक उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary का नाम सबसे आगे चल रहा है। संगठन और सरकार में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं जदयू की ओर से Vijay Kumar Chaudhary भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। पार्टी के भीतर उनके अनुभव और प्रशासनिक पकड़ को अहम माना जा रहा है।
क्या BJP चौंकाएगी?
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि Bharatiya Janata Party सामाजिक समीकरण साधने के लिए किसी EBC या OBC चेहरे को आगे कर सकती है। संघ पृष्ठभूमि वाले नेता को सामने लाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
सत्ता के दो संभावित फॉर्मूले
- राजनीतिक सूत्र दो प्रमुख विकल्पों की चर्चा कर रहे हैं —
- यदि भाजपा का मुख्यमंत्री बनता है तो जदयू के दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं।
- यदि जदयू का चेहरा मुख्यमंत्री रहता है तो भाजपा के दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं।
- इन फॉर्मूलों के जरिए दोनों दल संतुलन साधने की कोशिश में हैं।
पुरानी पेशकश की फिर चर्चा
बताया जाता है कि 20 नवंबर 2025 को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण से पहले भाजपा नेतृत्व की ओर से प्रस्ताव दिया गया था कि नीतीश अपनी पसंद का नाम दें, जिसे मुख्यमंत्री स्वीकार कर लिया जाएगा। हालांकि उस समय जदयू ने यह कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया था कि जनादेश नीतीश कुमार के नाम पर मिला है। अब स्वास्थ्य संबंधी चर्चाओं के बीच जदयू खेमे में यह मांग उठ रही है कि मुख्यमंत्री पद पर वही चेहरा आए, जिसे नीतीश कुमार की सहमति प्राप्त हो।
सियासी नजरें पटना पर टिकीं
आने वाले दिनों में भाजपा और जदयू की बैठकों के बाद तस्वीर साफ हो सकती है। फिलहाल बिहार की राजनीति संक्रमण काल में है और सत्ता का अगला चेहरा तय करने को लेकर कयासों का दौर जारी है।