स्मार्ट सिटी के सौंदर्यीकरण और सिरपुर महोत्सव के खर्च पर उठेंगे सवाल, नेशनल हेराल्ड को दिए विज्ञापनों का मुद्दा भी गूंजेगा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को प्रश्नकाल में खनन, परिवहन, वन और राजस्व विभाग से जुड़े कई अहम मुद्दे उठने की संभावना है। विधायकों की ओर से खनिज परिवहन, ओवरलोडिंग, सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों और विकास योजनाओं में खर्च को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने के आसार हैं। प्रश्नकाल में खनन, परिवहन, सहकारिता, राजस्व और वन विभाग से जुड़े मामलों को लेकर विधायकों की ओर से सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
सदन में आयरन ओर के खनन और उसके परिवहन से जुड़े नियमों तथा निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाएंगे। इसके साथ ही परिवहन विभाग से जुड़े फिटनेस परमिट, ओवरलोडिंग और वाहनों के संचालन से संबंधित मामलों पर भी सरकार से जानकारी मांगी जाएगी।
वन विभाग से जुड़े प्रश्नों में बिगड़े हुए वनों को सुधारने की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों का मुद्दा भी सदन में उठ सकता है। विधायक इन मामलों में की गई कार्रवाई और प्रशासनिक व्यवस्था पर सरकार से जवाब मांगेंगे।
सदन में नेशनल हेराल्ड को दिए गए विज्ञापनों का मामला भी गूंज सकता है। बीजेपी विधायक रेणुका सिंह इस विषय को उठाते हुए सरकार से पूछ सकती हैं कि किन परिस्थितियों और किस प्रक्रिया के तहत ये विज्ञापन जारी किए गए।
इसके अलावा ध्यानाकर्षण के माध्यम से रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सौंदर्यीकरण कार्यों में संभावित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठेगा। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक और धर्मजीत सिंह इस मामले में नगरीय प्रशासन मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। इस दौरान परियोजना में हुए खर्च और कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने की संभावना है।
इसी तरह विधायक द्वारकाधीश यादव सिरपुर महोत्सव के आयोजन से जुड़े आय-व्यय का मुद्दा भी सदन में उठाएंगे। ध्यानाकर्षण के जरिए आयोजन पर हुए खर्च और प्रशासनिक प्रबंधन से संबंधित जानकारी सरकार से मांगी जा सकती है।
वहीं सदन में बजट की अनुदान मांगों पर भी चर्चा जारी रहेगी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर विचार किया जाएगा। इस पर विधायकों की ओर से विभागों के कामकाज और योजनाओं को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना है।