स्मार्ट क्लास, नए स्कूल भवन, एजुकेशन सिटी और 5 हजार शिक्षकों की भर्ती से बदलेगी व्यवस्था : गजेंद्र यादव
छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूली शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए 22 हजार 466 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विधानसभा में कहा कि इस बजट से राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे और बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती कर शिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
रायपुर। प्रदेश में स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में बड़ा प्रावधान किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 22 हजार 466 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मंत्री ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए केंद्र की पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और कैरियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही शिक्षकों को उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा और विद्यार्थियों का मूल्यांकन होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड के आधार पर किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करेगी। इन विद्यालयों के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये स्कूल प्रत्येक ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगे, जिससे गांवों के विद्यार्थियों को भी उच्च स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
बस्तर संभाग के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार ने एजुकेशन सिटी स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके तहत ओरछा (अबुझमाड़), नारायणपुर और जगरगुंडा (सुकमा) में एजुकेशन सिटी विकसित की जाएगी। इस योजना के लिए 9 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे सुदूर वनांचल के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
मंत्री ने बताया कि स्कूलों की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए 105 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 500 प्राथमिक, 100 पूर्व माध्यमिक, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों के नए भवन बनाए जाएंगे तथा पुराने भवनों का रखरखाव किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित करने के लिए नवा रायपुर में विभाग का एक आधुनिक कॉम्पोजिट प्रशासनिक भवन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक तौर पर 5 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इस भवन में लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, संस्कृत विद्या मंडल, मदरसा बोर्ड, शिक्षा आयोग, पाठ्य पुस्तक निगम और माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित होंगे।
विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने 5 हजार शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की घोषणा की है। इसके साथ ही 4 हजार से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। भर्ती परीक्षा अक्टूबर और नवंबर 2026 में आयोजित किए जाने की संभावना है।
विद्यार्थियों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से राज्य के शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा पंजीकृत मदरसों के लगभग 30 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूलों में किचन गार्डन विकसित करने को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्या समीक्षा केंद्र और एचआरएमआईएस पोर्टल के माध्यम से करीब 1.80 लाख शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इसके अलावा विद्यार्थियों की डिजिटल मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट भी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए उपलब्ध कराने की योजना है, जिसमें क्यूआर कोड और यूनिक आईडी के माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन किया जा सकेगा।
सरकार ने खेल गतिविधियों को भी स्कूल शिक्षा से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत स्कूलों में योग, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और रेडक्रॉस जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन अंतिम पीरियड में खेलकूद को अनिवार्य बनाने और विद्यार्थियों को सेना में अग्निवीर बनने के लिए शारीरिक प्रशिक्षण देने की भी योजना है।
इसके अलावा सरकार ने विभिन्न योजनाओं के लिए भी बजट प्रावधान किया है। इनमें स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालयों के लिए 800 करोड़ रुपये, आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 300 करोड़ रुपये, छात्रवृत्ति योजना के लिए 236 करोड़ 50 लाख रुपये, निःशुल्क गणवेश वितरण के लिए 55 करोड़ रुपये, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण के लिए 50 करोड़ रुपये और सरस्वती निःशुल्क साइकिल योजना के लिए 66 करोड़ रुपये शामिल हैं।