- खल्लारी माता मंदिर में हादसा, शिक्षिका आयुषी की मौत
- अस्पताल में घायल पति ने किया अंतिम दर्शन, सिंदूर की रस्म भी अधूरी
- कमर टूटने से अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके ऋषभ
- 4 महीने पहले हुई थी शादी, खुशियां मातम में बदलीं
- हादसे में परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल
महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हुए दर्दनाक रोपवे हादसे ने एक नवविवाहित जोड़े की जिंदगी उजाड़ दी। चार महीने पहले शादी के बंधन में बंधी शिक्षिका आयुषी धावरे की मौत हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल होकर बिस्तर पर हैं। पत्नी को अंतिम विदाई देने तक में असमर्थ पति की बेबसी ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले स्थित खल्लारी माता मंदिर में हुए रोपवे हादसे ने एक खुशहाल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। इस हादसे में पाटन के आत्मानंद स्कूल में पदस्थ शिक्षिका आयुषी धावरे की मौत हो गई, जबकि उनके पति ऋषभ धावरे गंभीर रूप से घायल हैं। चार महीने पहले 23 नवंबर को शादी के बंधन में बंधे आयुषी और ऋषभ ने साथ जीने के सपने देखे थे, लेकिन 22 मार्च को हुए हादसे ने इन सपनों को चकनाचूर कर दिया।
अस्पताल में अंतिम मुलाकात का दर्दनाक दृश्य
सोमवार को आयुषी का पार्थिव शरीर देवेन्द्र नगर मर्चुरी से कमल विहार स्थित निजी अस्पताल लाया गया, जहां उनके पति ऋषभ भर्ती हैं। गंभीर चोटों के कारण वह बिस्तर से उठ भी नहीं पा रहे थे। जब पत्नी का शव उनके सामने लाया गया, तो माहौल बेहद मार्मिक हो गया। एक ओर शांत पड़ी आयुषी, तो दूसरी ओर दर्द से कराहते ऋषभ। उन्होंने कांपते हाथों से पत्नी की मांग में सिंदूर भरने की कोशिश की, लेकिन चोटों ने उन्हें इतना लाचार कर दिया कि वे यह अंतिम रस्म भी पूरी नहीं कर सके। यह दृश्य देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
अंतिम संस्कार में भी नहीं दे सके कंधा
हादसे में ऋषभ की कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। यही वजह रही कि वह पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल होने और कंधा देने तक में असमर्थ रहे। अपनी बेबसी पर वह अस्पताल के बिस्तर पर ही बिलखते रहे। आयुषी का अंतिम संस्कार रायपुर के मणिकर्णिका मुक्तिधान में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।
खुशियों से मातम तक का सफर
आयुषी और ऋषभ की शादी को अभी चार महीने ही हुए थे। परिवार में खुशियों का माहौल था और शादी की यादें अभी ताजा ही थीं। लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया।
परिवार के तीन सदस्य घायल
इस हादसे में ऋषभ धावरे के साथ उनके भाई शुभ और बहन शुभी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है। परिजनों के अनुसार, 21 मार्च को रोपवे बंद होने के कारण परिवार महासमुंद में रिश्तेदारों के यहां रुका था। अगले दिन 22 मार्च को सभी खल्लारी माता मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे। दर्शन के बाद लौटते समय रोपवे में अचानक हादसा हो गया, जिसने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।