रेस्क्यू ऑपरेशन पर भी हमला, एक पायलट सुरक्षित; ईरान ने जिंदा पकड़ने पर इनाम घोषित किया
पश्चिम एशिया में तनाव और गहराता नजर आ रहा है। ईरान ने 24 घंटे के भीतर दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन (ए)। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने 24 घंटे के भीतर अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। इनमें एक अत्याधुनिक फाइटर जेट और दूसरा अटैक एयरक्राफ्ट शामिल बताया जा रहा है।
ईरान के मुताबिक, गिराए गए विमानों में एक F-35 Lightning II था, हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञ इसे F-15E Strike Eagle बता रहे हैं। वहीं दूसरा A-10 Thunderbolt II किसी तरह कुवैत के हवाई क्षेत्र तक पहुंचने में सफल रहा, जहां पायलट ने इजेक्ट कर जान बचाई, लेकिन विमान क्रैश हो गया।
घटना के बाद अमेरिकी सेना ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान दो UH-60 Black Hawk हेलिकॉप्टरों को भी ईरान की ओर से निशाना बनाए जाने का दावा किया गया, हालांकि इनमें सवार सैनिक सुरक्षित बताए गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, गिराए गए फाइटर जेट के एक पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि दूसरे पायलट की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।
इसी बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच संभावित वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हम युद्ध की स्थिति में हैं।”
दूसरी ओर, ईरान ने इस घटनाक्रम को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। सरकारी मीडिया के जरिए घोषणा की गई है कि अमेरिकी पायलट को जिंदा पकड़कर सौंपने वाले को 10 बिलियन ईरानी तोमान (करीब 55 लाख रुपये) का इनाम दिया जाएगा।
ईरान द्वारा जारी तस्वीरों के आधार पर रक्षा विशेषज्ञ विमान की पहचान को लेकर विश्लेषण कर रहे हैं, जिससे इस घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और वैश्विक स्तर पर भी इसकी गंभीर प्रतिक्रिया देखी जा रही है।