कॉल सेंटर से चल रहा था रैकेट, नकली लड़कियों की प्रोफाइल बनाकर युवकों से वसूली; बिहार के युवक की शिकायत से खुलासा
बिलासपुर पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित मैट्रिमोनियल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपी फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों को झांसे में लेते और भावनात्मक बातचीत के जरिए उनसे पैसे ऐंठते थे।
बिलासपुर। शादी के इच्छुक युवकों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। यह गिरोह मैट्रिमोनियल एजेंसी के नाम पर कॉल सेंटर संचालित कर रहा था, जहां से युवकों को फर्जी लड़कियों के प्रोफाइल दिखाकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।
मामले का खुलासा बिहार के एक युवक की शिकायत से हुआ, जिसने पुलिस को बताया कि उसे शादी के लिए उपयुक्त लड़की का प्रोफाइल देने का झांसा देकर 10 हजार रुपये ठग लिए गए। रकम लेने के बाद उसे कोई जानकारी नहीं दी गई, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और म्यूल बैंक खातों की पड़ताल करते हुए गिरोह तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि जिन खातों में पैसे जमा किए जा रहे थे, वे अन्य लोगों के नाम पर खुले थे, लेकिन उनका संचालन यह गिरोह कर रहा था।
इसके बाद पुलिस ने सरकंडा और सिटी कोतवाली क्षेत्र में संचालित कॉल सेंटरों पर दबिश दी, जहां से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस तरीके से लोगों को ठग रहे थे।
गिरोह के सदस्य पहले आकर्षक फोटो और झूठी जानकारी के साथ फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। इसके बाद खुद ही लड़की बनकर ग्राहकों से बातचीत करते, ताकि वे भावनात्मक रूप से जुड़ जाएं और भरोसा कर पैसे जमा कर दें।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 10 कंप्यूटर, 70 मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। साथ ही म्यूल खातों के जरिए लाखों रुपये के लेन-देन का भी खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों में एक वकील सहित चार लोग शामिल हैं, जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स या एजेंसियों के जरिए किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें और बिना पुष्टि के पैसे का लेन-देन न करें।