हाईकोर्ट से जमानत के बाद चालान पेश होते ही मिली रिहाई
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में एक अहम मोड़ सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया और कथित तांत्रिक केके श्रीवास्तव को कोर्ट में चालान पेश होने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा पेश किए गए पूरक चालान के बाद यह कार्रवाई हुई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब इस केस में जेल में बंद रही सौम्या चौरसिया और कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव को रिहाई मिल गई। यह रिहाई उस शर्त के तहत हुई, जिसमें हाईकोर्ट ने पहले ही जमानत देते हुए कहा था कि चालान पेश होने के दिन उन्हें छोड़ा जाएगा।
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रायपुर की विशेष अदालत में करीब 1500 पन्नों का 8वां पूरक चालान प्रस्तुत किया। इस चालान में सौम्या चौरसिया, केके श्रीवास्तव और देवेंद्र डडसेना की भूमिका को विस्तार से शामिल किया गया है।
जेल से बाहर आने के बाद केके श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके संबंध किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं। “मेरे पुराने संबंध कई नेताओं से रहे हैं, जिनमें भाजपा से जुड़े लोग भी शामिल हैं। किसी से व्यक्तिगत मित्रता रखना अपराध नहीं है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने अपने लुक को लेकर भी सफाई दी और कहा कि कुंभ मेले के बाद उन्होंने दाढ़ी और बाल बढ़ाए हैं, इसका तंत्र-मंत्र से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा-पाठ करना गलत नहीं है और उन्हें किसी कार्रवाई का भय नहीं, क्योंकि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस घोटाले में अब तक 51 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। चालान में शामिल दस्तावेजों में अवैध लेन-देन, वित्तीय ट्रांजैक्शन और अन्य महत्वपूर्ण सबूत शामिल हैं।
जांच में देवेंद्र डडसेना की भूमिका भी सामने आई है, जो कथित तौर पर पैसों के प्रबंधन और ट्रांजैक्शन का काम संभालता था। वह विभिन्न स्रोतों से अवैध राशि एकत्र कर उसे सुरक्षित रखने और निर्देशानुसार आगे पहुंचाने में सक्रिय था।
वहीं केके श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने पूरे नेटवर्क में कैश के संचालन, ट्रांसपोर्ट और निवेश की जिम्मेदारी निभाई। जांच एजेंसी का दावा है कि उन्होंने अपने प्रभाव का उपयोग कर अवैध धन के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चालान पेश होने के साथ ही दोनों आरोपियों की रिहाई हो गई, जिससे इस मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में फिर हलचल तेज हो गई है।