दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अब तक 19 आरोपी दबोचे; एटीएम, सिम और बैंक दस्तावेजों का दुरुपयोग कर होता था अवैध लेन-देन
दुर्ग पुलिस ने फर्जी बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन बैटिंग और करोड़ों के अवैध लेन-देन करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
दुर्ग। जिले में फर्जी बैंक खातों के माध्यम से संचालित हो रहे ऑनलाइन बैटिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन के बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों—कुश, रितेश राय और महेंद्र सिंह ठाकुर—को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत 31 दिसंबर 2025 को थाना पदमनाभपुर में दर्ज एक शिकायत से हुई थी। प्रार्थी अविनाश दुबे ने शिकायत में बताया था कि कुछ लोग फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाकर उनसे जुड़े एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, पासबुक और चेकबुक हासिल कर रहे हैं। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन बैटिंग ऐप्स के जरिए अवैध लेन-देन के लिए किया जा रहा था और संबंधित सामग्री मुंबई भेजी जाती थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 566/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(4), 319(2) और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पहले ही 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि अब तीन और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से कुल संख्या 19 हो गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, 8 पासबुक, 4 सिम कार्ड, 5 मोबाइल फोन, एक नकली पिस्टल और एक रजिस्टर जब्त किया है। जांच में सामने आया है कि इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी अवैध मुनाफा कमाने के उद्देश्य से आम लोगों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे और उनका दुरुपयोग करते थे। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना पदमनाभपुर पुलिस टीम की सतत निगरानी और तकनीकी विश्लेषण की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड किसी भी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें, क्योंकि इस प्रकार की गतिविधियां कानूनन अपराध हैं।