रायपुर में नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन, 33% आरक्षण से निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
राजधानी रायपुर में आयोजित नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी का ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी निर्णय बताया।
रायपुर। महिलाओं की भागीदारी को निर्णय प्रक्रिया में सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और मजबूत करेगा। यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम देश की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित यह निर्णय अब साकार हुआ है, जिससे महिलाओं के प्रतिनिधित्व को नया आयाम मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री साय ने भारतीय संस्कृति में नारी के उच्च स्थान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में शक्ति की आराधना सर्वोपरि है और समाज में महिलाओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं—बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और महतारी वंदन योजना—महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है और महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि अब क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना ही नए भारत की दिशा तय करेगा। वर्तमान में पंचायती राज संस्थाओं में लाखों महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो बदलते सामाजिक परिदृश्य का संकेत है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी महिलाओं की भूमिका और सशक्तिकरण पर अपने विचार रखे। इस दौरान उपस्थित महिलाओं का सम्मान कर उन्हें समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।