हाईकोर्ट के दोषसिद्धि फैसले पर लगी अंतरिम रोक, CBI अपील और सजा के खिलाफ याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई
छत्तीसगढ़ के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को राहत दी है। अदालत ने हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा और दोषसिद्धि पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिससे मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में अहम मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को बड़ी राहत देते हुए उनकी दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा पर अंतरिम रोक लगा दी है।
गुरुवार को हुई सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने अमित जोगी द्वारा दायर दो याचिकाओं पर एक साथ विचार किया। इनमें एक याचिका केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को अपील की अनुमति से जुड़ी थी, जबकि दूसरी याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देती है, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही दोनों मामलों को टैग कर संयुक्त सुनवाई का निर्णय लिया था, जिसके तहत आज दोनों याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल सजा पर स्टे देते हुए मामले की अगली सुनवाई तक राहत बरकरार रखी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2003 में बिलासपुर में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने उस समय प्रदेश की राजनीति में सनसनी फैला दी थी और जांच के दौरान कई बड़े नाम सामने आए थे, जिनमें अमित जोगी का नाम प्रमुख रूप से शामिल रहा।
इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद अमित जोगी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जहां से अब उन्हें अंतरिम राहत मिली है। मामले की आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।