व्हाट्सऐप पर मुनाफे का लालच देकर 13 किश्तों में रकम ट्रांसफर कराई, रिटर्न नहीं मिलने पर खुला फर्जीवाड़ा
राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने एक महिला डॉक्टर को ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर 1.51 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क कर भरोसा जीता और अलग-अलग किश्तों में रकम ट्रांसफर कराई। पैसा वापस नहीं मिलने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
रायपुर। राजधानी में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां ठगों ने महिला डॉक्टर को निवेश योजना में अधिक मुनाफे का लालच देकर डेढ़ लाख रुपए से अधिक की रकम हड़प ली। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता डॉ. पूजा किशोर ने पुलिस को बताया कि वह बालगोपाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं और अस्पताल परिसर स्थित हॉस्टल में निवास करती हैं। 24 अप्रैल 2026 को उनके व्हाट्सऐप पर दो अलग-अलग नंबरों से संदेश आए। मैसेज भेजने वालों ने खुद को ट्रेडिंग और निवेश योजना से जुड़ा बताते हुए कम समय में अधिक लाभ दिलाने का दावा किया।
ठगों ने पहले बातचीत कर डॉक्टर का भरोसा जीता और फिर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराने के लिए कहा। इसके बाद पीड़िता ने 13 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1 लाख 51 हजार 439 रुपए विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए। यह राशि यूपीआई के माध्यम से कोटक महिंद्रा बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के खातों में भेजी गई।
डॉ. पूजा ने बताया कि उनके बैंक खाते की लेन-देन सीमा एक लाख रुपए थी। ऐसे में ठगों के कहने पर उन्होंने अपने परिचित लोकेश बांडेबुच्चे और निरंजन सावंत के खातों से भी रकम ट्रांसफर कराई।
कुछ समय बाद जब ठगों ने और पैसे मांगने शुरू किए तथा निवेश पर कोई रिटर्न नहीं मिला, तब उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने सिटी कोतवाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर, बैंक खाते और यूपीआई आईडी की जानकारी खंगाल रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या टेलीग्राम पर आने वाली किसी भी निवेश योजना पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और लालच में आकर रकम ट्रांसफर करने से बचें।