पचपेड़ी नाका, सड्डू और राजेंद्र नगर बने ट्रैफिक के बड़े हॉटस्पॉट; पुलिस 12 मिनट में पहुंचने का दावा
राजधानी रायपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच पुलिस ने जाम से राहत दिलाने के लिए हेल्पलाइन शुरू की है। शुरुआती 15 दिनों में ही दर्जनों शिकायतें सामने आई हैं, जिससे शहर के प्रमुख जाम प्रभावित क्षेत्रों की पहचान भी हो गई है।
रायपुर। तेजी से फैलती नई कॉलोनियों और बढ़ते वाहनों के दबाव ने राजधानी की सड़कों पर जाम की समस्या को गंभीर बना दिया है। इसे नियंत्रित करने के लिए रायपुर पुलिस ने पहली बार ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 9479210632 जारी किया है, जिस पर नागरिक सीधे जाम की सूचना दे सकते हैं।
हेल्पलाइन शुरू होने के महज 15 दिनों के भीतर 63 कॉल दर्ज की गई हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें पचपेड़ी नाका, सड्डू पेट्रोल पंप और राजेंद्र नगर अंडरब्रिज क्षेत्र से सामने आई हैं। इन इलाकों में सुबह और शाम के समय लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलते ही टीम औसतन 12 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच रही है। इसे और बेहतर करने के लिए 5 मिनट का रिस्पांस टाइम तय किया गया है। इसके लिए शहर में 10 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तैनात की गई हैं, जो पीक आवर्स में बाइक से पेट्रोलिंग कर ट्रैफिक को नियंत्रित कर रही हैं।
नई कॉलोनियों से बढ़ा दबाव
मोवा-सड्डू रोड जैसे इलाकों में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार ने ट्रैफिक दबाव को कई गुना बढ़ा दिया है। इस मार्ग से रोजाना करीब एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। सड्डू पेट्रोल पंप, मोवा और लोधीपारा क्षेत्र में अक्सर लंबा जाम देखने को मिलता है। यहां बड़े स्कूल और अस्पताल होने से भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है।
हॉटस्पॉट की पहचान, समाधान की तैयारी
हेल्पलाइन के जरिए मिली शिकायतों के विश्लेषण के बाद शहर में 9 से अधिक प्रमुख ट्रैफिक हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। पुलिस इन स्थानों पर जाम के कारणों का अध्ययन कर विशेषज्ञों की मदद से स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है।
साथ ही सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित जाम वाले स्थानों और समय की पहचान कर वहां पहले से यातायात बल या क्यूआरटी तैनात करें, ताकि जाम की स्थिति बनने से पहले ही उसे नियंत्रित किया जा सके।
पचपेड़ी नाका सबसे ज्यादा प्रभावित
शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल पचपेड़ी नाका से रोजाना 90 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। यह राजधानी का प्रमुख एंट्री पॉइंट है, जहां दिन-रात भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ब्रिज के नीचे ट्रैफिक फंसने के कारण यहां पीक आवर्स में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है।
पुलिस का मानना है कि हेल्पलाइन और त्वरित कार्रवाई से जाम की समस्या में राहत मिलेगी, हालांकि तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच यह चुनौती अभी भी बड़ी बनी हुई है।