प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सरगुजा के ग्रामीण परिवार को मिली बड़ी राहत, केंद्र और राज्य सरकार से 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बनकर उभर रही है। सरगुजा जिले के ग्राम कंठी निवासी सुनील कुमार साहू ने अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाकर न केवल बिजली खर्च में भारी कमी की है, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर “ऊर्जा दाता” भी बन गए हैं।
रायपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अब ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की मिसाल बन रही है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत कंठी निवासी सुनील कुमार साहू ने अपने घर की छत पर 3.5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर बिजली खर्च में बड़ी राहत हासिल की है।
सोलर सिस्टम लगने से पहले उनका मासिक बिजली बिल 2 हजार से 3 हजार रुपये तक पहुंच जाता था, लेकिन अब यह घटकर मात्र 200 से 500 रुपये के बीच रह गया है। लगातार बढ़ते बिजली खर्च से परेशान परिवार के लिए यह योजना किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हुई।
डबल सब्सिडी से आसान हुआ सपना
सुनील कुमार साहू ने बताया कि सोलर प्लांट लगवाने में सरकार की डबल सब्सिडी ने बड़ी मदद की। उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। यह पूरी सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की गई। उन्होंने बताया कि सब्सिडी मिलने के बाद सोलर सिस्टम के लिए लिया गया बैंक ऋण भी चुका दिया गया और अब परिवार पूरी तरह कर्जमुक्त हो चुका है।
अब उपभोक्ता नहीं, बने ऊर्जा दाता
सुनील ने योजना की नेट-मीटरिंग व्यवस्था को बेहद लाभकारी बताया। उनके अनुसार सोलर सिस्टम घर की जरूरत के अनुसार बिजली उत्पादन करता है और अतिरिक्त बिजली स्वतः ग्रिड में जमा हो जाती है। यही वजह है कि बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार की जनहितकारी योजनाएं आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले वे केवल बिजली उपभोक्ता थे, लेकिन अब सौर ऊर्जा के जरिए ऊर्जा दाता बनने का गर्व महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आज ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक बचत और आत्मनिर्भरता का नया उदाहरण बनकर उभर रही है।