ईरान-इजराइल तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार दबाव में, ऑटो-बैंकिंग शेयरों में भारी कमजोरी
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 300 अंक से ज्यादा फिसलकर 24 हजार के नीचे कारोबार करता नजर आया।
वैश्विक तनाव से सहमा बाजार, निवेशकों में बढ़ी चिंता
मुंबई (ए)। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 1000 अंकों की गिरावट के साथ 76,300 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 300 अंक से ज्यादा टूटकर 23,900 के आसपास पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर दिखाई दिया। निवेशकों की बिकवाली के चलते कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते रहे।
बाजार में गिरावट की तीन बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में कमजोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों कारण जिम्मेदार हैं।
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत का आयात बिल और महंगाई बढ़ने का खतरा है।
एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में कारोबार के दौरान दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि जापान के निक्केई और हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में गिरावट दर्ज की गई।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बीते सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने करीब 13,908 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा देने की कोशिश की।
पहले भी दबाव में था बाजार
इससे पहले शुक्रवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 516 अंक टूटकर 77,328 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 150 अंक फिसलकर 24,176 के स्तर पर पहुंच गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में भी बाजार की दिशा तय करेंगे।