दिल्ली में CNG ₹80.09 और नोएडा-गाजियाबाद में ₹88.70 प्रति किलो पहुंची
15 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम भी ₹3 प्रति लीटर बढ़े थे
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक तनाव का असर बाजार पर
दिल्ली-NCR में आम लोगों पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब CNG के दाम भी फिर बढ़ा दिए गए हैं। 17 मई से CNG एक रुपए प्रति किलो महंगी हो गई है। दो दिनों के भीतर यह दूसरी बढ़ोतरी है, जिससे परिवहन से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नई दिल्ली (ए)। राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। शनिवार 17 मई से दिल्ली में CNG की कीमत बढ़कर ₹80.09 प्रति किलो हो गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में उपभोक्ताओं को अब ₹88.70 प्रति किलो की दर से CNG मिलेगी।
महज दो दिनों के भीतर CNG की कीमतों में यह दूसरी वृद्धि है। इससे पहले 15 मई को कंपनियों ने CNG के दाम ₹2 प्रति किलो तक बढ़ाए थे। लगातार हो रही बढ़ोतरी से वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।
पेट्रोल-डीजल भी हुए महंगे
15 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर पहुंच गया। ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब बाजार और परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है।
बढ़ सकती हैं रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें
डीजल महंगा होने का सीधा असर मालभाड़े और परिवहन लागत पर पड़ता है। ट्रकों और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो सकते हैं।
इसके अलावा खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और सिंचाई उपकरणों की लागत भी बढ़ेगी, जिससे अनाज और कृषि उत्पादों के दाम प्रभावित हो सकते हैं। सार्वजनिक परिवहन, स्कूल बस और ऑटो किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
विशेषज्ञों के अनुसार ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं।
कच्चे तेल की महंगाई के कारण तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है, जिसके चलते पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार संशोधन किया जा रहा है।
आगे और बढ़ सकते हैं दाम
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि मौजूदा बढ़ोतरी अभी पर्याप्त नहीं है। कंपनियों को नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल और डीजल के दामों में आगे और वृद्धि करनी पड़ सकती है। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में आम जनता को और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।