रायपुर में औचक निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं, अनुबंधित फर्म को सुधार के लिए जारी हुआ नोटिस
राजधानी रायपुर में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सिटी बस सेवा सवालों के घेरे में आ गई है। रेलवे स्टेशन और शहीद स्मारक भवन के पास किए गए औचक निरीक्षण में कई बसों की सीटें फटी मिलीं, जबकि किसी भी बस में फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध नहीं था। मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने संबंधित अनुबंधित फर्म को तत्काल सुधार के निर्देश जारी किए हैं।
जांच में सामने आई लापरवाही
रायपुर जिला शहरी सार्वजनिक सर्विस सोसाइटी की टीम ने 18 मई को अलग-अलग रूटों पर चल रही सिटी बसों का निरीक्षण किया। इस दौरान रायपुर-खरोरा, रायपुर-खैरखुंट, रायपुर-चंद्रखुरी और रायपुर-मानसोज मार्ग की बसों की जांच की गई। निरीक्षण में यात्रियों की सुविधा से जुड़ी कई खामियां सामने आईं।
अधिकारियों ने पाया कि बसों में अग्निशामक यंत्र तो लगाए गए हैं, लेकिन प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी फर्स्ट एड बॉक्स मौजूद नहीं थे। इसके अलावा कई बसों की सीटें क्षतिग्रस्त और फटी हुई मिलीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिटनेस जांच का दावा, व्यवस्था पर सवाल
सोसाइटी की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि सभी बसों का संचालन फिटनेस जांच के बाद ही किया जाता है। जांच के दौरान बसों के ब्रेक और हेडलाइट सही हालत में पाए गए। रात के समय बेहतर रोशनी के लिए अतिरिक्त लाइट भी लगाई गई हैं।
हालांकि निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि कुछ बसों को खड़ा करने के लिए सुरक्षा के तौर पर पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे लेकर रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अनुबंधित फर्म को सुधार के निर्देश
अधिकारियों ने बताया कि बसों की सीटों की मरम्मत डिपो स्तर पर लगातार कराई जाती है और समय-समय पर अनुबंधित फर्म को सुधार कार्य के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं। ताजा निरीक्षण के बाद भी फर्म को तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
सिटी बसों में जरूरी सुविधाओं की कमी सामने आने के बाद यात्रियों की सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में लापरवाही के इन मामलों ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।