सीतापुर विधायक पर कार्रवाई की मांग तेज, 500 से अधिक तहसीलदार काम बंद कर धरने पर बैठे; कई जिलों में राजस्व सेवाएं प्रभावित
छत्तीसगढ़ में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के विरोध में शुक्रवार को राजस्व अधिकारियों का आक्रोश फूट पड़ा। सरगुजा जिले के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट कराने का आरोप लगने के बाद प्रदेशभर के 500 से अधिक तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चले गए। अधिकारियों ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए राजस्व कार्य पूरी तरह ठप कर दिए हैं।
सरगुजा । सरगुजा जिले की राजापुर उप तहसील में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट का मामला अब प्रदेशव्यापी विरोध में बदल गया है। घटना के विरोध में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के 500 से ज्यादा तहसीलदार और नायब तहसीलदार सामूहिक हड़ताल पर उतर आए। रायपुर, रायगढ़, सरगुजा सहित कई जिलों में राजस्व कामकाज प्रभावित रहा और अधिकारी कलेक्ट्रेट परिसरों में धरने पर बैठे दिखाई दिए।
मामले में सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने विधायक समेत 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं दूसरे पक्ष की शिकायत पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, विधायक की चचेरी बहन सीमा धनकी ने जमीन से जुड़े शाख शोध पत्र के लिए 14 मई को आवेदन दिया था। आरोप है कि कई दिनों तक काम नहीं होने पर वे बुधवार को राजापुर उप तहसील कार्यालय पहुंचीं, जहां उनका नायब तहसीलदार तुषार मानिक से विवाद हो गया।
सीमा धनकी का आरोप है कि फाइल पर हस्ताक्षर करने का आग्रह करने पर नायब तहसीलदार भड़क गए और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी विधायक रामकुमार टोप्पो को दी।
वहीं नायब तहसीलदार तुषार मानिक का आरोप है कि शाम को उन्हें दोबारा राजापुर बुलाया गया, जहां विधायक और उनके समर्थकों ने उनसे मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि बीच-बचाव के दौरान एसडीएम फागेश सिन्हा ने उन्हें वहां से बाहर निकाला।
घटना के बाद राजस्व अधिकारियों में भारी नाराजगी है। अधिकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा इस तरह की घटना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर दबाव बनाने की कोशिश है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व अधिकारी संघ ने आरोपी विधायक की गिरफ्तारी और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रदेशभर में जारी हड़ताल के चलते नामांतरण, बंटवारा, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र सहित कई राजस्व सेवाएं प्रभावित हुई हैं। प्रशासन अब मामले को शांत कराने और अधिकारियों को काम पर लौटाने की कोशिश में जुटा है।