काले वस्त्र पहनकर पहुंचे विपक्षी सांसद, अखिलेश ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप; सरकार ने कहा- चर्चा के लिए तैयार हैं
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और NEET पेपर लीक के मुद्दे पर बुधवार को संसद के मानसून सत्र में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लगातार विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बाधित हो गई।
नई दिल्ली (ए)। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और NEET पेपर लीक का मुद्दा विपक्ष के विरोध का प्रमुख केंद्र रहा। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के सांसद काले वस्त्र पहनकर संसद परिसर पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सांसदों ने छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच और सदन में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग उठाई।

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के तीखे विरोध और नारेबाजी के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में कार्यवाही महज एक मिनट ही चल सकी।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रही छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनके कपड़े तक फाड़े गए। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस को इस तरह की कार्रवाई का अधिकार किसने दिया।
विपक्षी दलों का कहना है कि छात्रों की मांगों को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं पर जवाब देना चाहिए। सांसदों ने सदन के भीतर और बाहर लगातार विरोध दर्ज कराते हुए मामले पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
वहीं, सरकार ने स्पष्ट किया कि वह इस विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील भी की।