दिल्ली में आधी रात 70 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी, 22 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट; बिहार में आकाशीय बिजली से 10 लोगों की मौत
देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक ओर मानसून तेजी से उत्तर और मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश से गर्मी से राहत मिली, जबकि बिहार में वज्रपात की घटनाओं में 10 लोगों की जान चली गई। मौसम विभाग ने 22 राज्यों में आंधी-बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना (ए)। देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और अब पूर्वी भारत के कई हिस्सों को अपने प्रभाव में ले चुका है। गुरुवार को मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा बिहार पहुंच गई, जबकि अगले तीन दिनों में इसके झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है।
राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गुरुवार देर रात तेज आंधी ने मौसम का रुख बदल दिया। कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हरियाणा के अनेक जिलों में भी तेज हवाओं और हल्की बारिश का असर देखने को मिला।
बिहार में मौसम का यह बदलाव भारी पड़ गया। राज्य के विभिन्न जिलों में हुई आंधी-बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में फसलों और संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर सहित 22 राज्यों में आंधी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की संभावना है, जबकि उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान लगाया गया है।
दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा हो सकती है। दूसरी ओर तेलंगाना, विदर्भ और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में हीटवेव का खतरा बना हुआ है, जहां तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
इस बीच, अमेरिकी मौसम एजेंसी ने प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनने की पुष्टि की है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अल नीनो आने वाले महीनों में वैश्विक मौसम पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी तीव्रता पिछले कई दशकों के बड़े अल नीनो घटनाक्रमों के बराबर पहुंच सकती है।
मौसम में बदलाव के बावजूद देश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप अभी कम नहीं हुआ है। पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और तेलंगाना के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। पंजाब के बठिंडा में सर्वाधिक 46.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार 13 और 14 जून को उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी तेज बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की रफ्तार और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण आगामी दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का स्वरूप लगातार बदलता रहेगा।