वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई, सैकड़ों किसानों को राहत; दोषियों पर एफआईआर और जांच तेज
छत्तीसगढ़ सरकार ने सहकारी बैंक शाखाओं में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए किसानों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। प्रभावित क्षेत्रों में खाद-बीज वितरण व्यवस्था दोबारा शुरू कर दी गई है, जिससे किसानों की खेती की तैयारियों को नई गति मिली है।
रायपुर। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर के अंतर्गत आने वाले शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और रामचंद्रपुर क्षेत्र की समितियों में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों पर बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच सामने आए गबन और वित्तीय गड़बड़ियों से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने त्वरित कदम उठाए हैं।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों के बाद प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को पुनः खाद और बीज उपलब्ध कराना शुरू कर दिया गया है। इससे लंबे समय से परेशान किसानों को राहत मिली है और आगामी कृषि सीजन की तैयारियों को मजबूती मिली है।
जानकारी के अनुसार बैंक की विभिन्न शाखाओं में सामने आई वित्तीय गड़बड़ियों के कारण किसानों को समय पर नकद ऋण, खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे। इस स्थिति से किसानों में असंतोष बढ़ रहा था और खेती-किसानी की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और बैंक प्रशासन ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच लगातार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक करीब 497 किसानों की शिकायतों में 30 करोड़ 51 लाख रुपए से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
सरकार ने राहत योजना के तहत संबंधित समितियों को पात्र किसानों की सूची तैयार कर मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। सूची प्राप्त होने के बाद ऋण स्वीकृति और वितरण प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए जरूरी संसाधन समय पर उपलब्ध हो सकें।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है और निष्पक्ष जांच के जरिए सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और किसानों का विश्वास बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।