शहीद जवानों की जानकारी छिपाने का लगाया आरोप, रक्षा मंत्रालय बोला- सम्मान और जानकारी पहले ही की जा चुकी थी सार्वजनिक
ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने सरकार पर शहीदों की जानकारी सार्वजनिक करने में देरी और संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया है। वहीं रक्षा मंत्रालय ने इन दावों को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि शहीदों को समय-समय पर सम्मान और सार्वजनिक श्रद्धांजलि दी जाती रही है।
नई दिल्ली (ए)। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में दर्ज होने के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन जवानों की शहादत को लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाया गया, जिसके कारण उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाया जिसके वे वास्तविक हकदार थे।
पवन खेड़ा ने अपने सोशल मीडिया मंच पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए एक पुराने बयान का वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद में दिए गए बयान में कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई थी। ऐसे में यदि छह जवान शहीद हुए थे, तो यह गंभीर प्रश्न खड़ा होता है कि उस समय रक्षा मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी या फिर संसद को अधूरी जानकारी दी गई।
दूसरी ओर रक्षा मंत्रालय ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि शहीदों के सम्मान और जानकारी को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि जवानों को पहली बार सार्वजनिक सम्मान दिया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, 11 मई 2025 को आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैन्य अभियान महानिदेशक द्वारा शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई थी। इसके अलावा 14 अगस्त 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में वीरता पुरस्कारों की जानकारी सार्वजनिक की गई थी। सेना और वायुसेना के आधिकारिक मंचों पर भी समय-समय पर शहीदों को सम्मानित किया गया।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर नाम दर्ज करने की एक निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल होता है, जिसके तहत सभी शहीदों के नाम जोड़े जाते हैं। ऐसे में यह कहना कि शहीदों की जानकारी छिपाई गई या उन्हें पहली बार सम्मान दिया गया, वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाता। साथ ही सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि शहीदों के परिवारों को निर्धारित सभी सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।