80 घरों के तोड़फोड़ के बाद आक्रोश, भारी पुलिस बल तैनात; EWS आवास और पुनर्वास व्यवस्था पर उठे सवाल
राजधानी रायपुर में नकटी गांव के विस्थापितों का आक्रोश शुक्रवार को उग्र रूप लेता दिखा, जब बड़ी संख्या में लोगों ने मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। 80 मकानों पर हुई कार्रवाई के बाद विस्थापित परिवारों ने पुनर्वास और आवास की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।
रायपुर। नकटी गांव से विस्थापित लोग शुक्रवार को पहले कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे और बाद में मंत्री ओपी चौधरी के बंगले की ओर कूच कर गए। वहां पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने घेराव कर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और शंकर नगर की ओर जाने वाले मार्ग का एक हिस्सा एहतियातन बंद कर दिया गया।

प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी भी देखी गई।
80 घरों की तोड़फोड़ के बाद लगातार जारी है आक्रोश
गौरतलब है कि नकटी गांव में तीन दिन पहले 80 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद से प्रभावित परिवार लगातार विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उन्हें पर्याप्त समय और विकल्प नहीं दिए गए, जिससे वे बेघर हो गए।
EWS आवास पर सवाल, सुविधाओं की कमी का आरोप
प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को EWS मकान आवंटित किए गए हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सभी परिवारों को आवास नहीं मिला है। साथ ही आवास छोटे होने और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर भी नाराजगी जताई जा रही है। उनका कहना है कि इन मकानों में पूरे परिवार के साथ रहना मुश्किल है।

नेताओं की प्रतिक्रिया से बढ़ा राजनीतिक विवाद
इस मामले में पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने गुरुवार को गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। वहीं, भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि रात के समय घर तोड़ने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं और इस मामले में न्यायसंगत समाधान की आवश्यकता है।
आश्वासन और कार्रवाई के बीच बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई से पहले ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात कर राहत की उम्मीद जताई थी। उस समय सांसद ने बरसात के दौरान तोड़फोड़ नहीं होने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद 29 जून को कार्रवाई की गई।
पुराना पत्र वायरल, फिर उठा विवाद
इस बीच सांसद बृजमोहन अग्रवाल का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा एक पुराना पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने विधायक कॉलोनी के लिए भूमि चयन पर आपत्ति जताते हुए गरीबों के विस्थापन को मानवीय दृष्टि से अनुचित बताया था। इस पत्र के सामने आने के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रूप से गरमा गया है।