- डीएएम कैपिटल की रिपोर्ट में दावा- मौजूदा कीमतों पर कंपनियां पेट्रोल पर ₹10.5 और डीजल पर ₹11 प्रति लीटर तक मार्जिन कमा रही हैं।
- इंडियन बास्केट का कच्चा तेल 68.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा, छह महीने का सबसे निचला स्तर।
- नायरा एनर्जी ने दाम घटाए, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों ने अब तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिरकर छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं, लेकिन इसका लाभ अब तक आम उपभोक्ताओं को नहीं मिला है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा दरों पर सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर प्रति लीटर 10 से 11 रुपए तक का मार्जिन कमा रही हैं, इसके बावजूद खुदरा कीमतों में कोई कटौती नहीं की गई है।
नई दिल्ली (ए)। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचे क्रूड ऑयल के भाव अब लगातार फिसलकर छह महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को इसका सीधा फायदा नहीं मिल रहा।
इंडियन बास्केट का कच्चा तेल फिलहाल 68.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जो युद्ध के दौरान बने करीब 157 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से लगभग 56 प्रतिशत कम है। इसके बावजूद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई कमी नहीं की गई है।
डीएएम कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा कच्चे तेल की कीमतों पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां पेट्रोल पर करीब 10.5 रुपए और डीजल पर लगभग 11 रुपए प्रति लीटर तक का मार्जिन अर्जित कर रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल का भाव 87 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने पर कंपनियां लाभ की स्थिति में आ जाती हैं और पिछले एक महीने से अधिक समय से यही स्थिति बनी हुई है।
कीमतें बदलीं, लेकिन राहत नहीं
पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर हमेशा खुदरा ईंधन कीमतों पर नहीं दिखा। वर्ष 2018 में क्रूड करीब 80 डॉलर प्रति बैरल था, जबकि 2020 में यह घटकर 43 डॉलर तक आ गया, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अपेक्षित कमी नहीं आई। वहीं 2022 में कच्चे तेल के दाम 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने पर ईंधन महंगा जरूर हुआ, लेकिन बाद में कीमतें घटने के बावजूद राहत नहीं मिली।
मुनाफे में रहीं तेल कंपनियां
जनवरी से मार्च 2026 की चौथी तिमाही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी ऊंची रहने के बावजूद देश की प्रमुख तेल कंपनियों के वित्तीय नतीजे मजबूत रहे। चार बड़ी तेल कंपनियों का संयुक्त मुनाफा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 22 प्रतिशत तक बढ़ा।
नायरा ने घटाए दाम, सरकारी कंपनियां स्थिर
देश की निजी ईंधन रिटेलर नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई से पेट्रोल 5 रुपए और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर सस्ता किया। इसके बाद कई शहरों में उसके ईंधन के दाम कम हो गए। हालांकि इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने अब तक अपनी खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।