पुलिस, एफएसएल और श्रम विभाग ने जांच शुरू की, नाबालिग से काम कराने के आरोपों की भी पड़ताल।
राजधानी के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बेंद्री की थ्रीडी इनोवेशन फैक्ट्री में मंगलवार शाम हुए भीषण विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शवों के अवशेष घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर तक जा गिरे। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं।
रायपुर। उरला औद्योगिक क्षेत्र के बेंद्री स्थित थ्रीडी इनोवेशन फैक्ट्री में मंगलवार शाम हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि मृतकों के शवों के अवशेष फैक्ट्री परिसर से लगभग 200 मीटर दूर तक बिखर गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और भारी संख्या में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ, जब 17 वर्षीय अरुण पांडे कथित तौर पर ऑक्सीजन सिलेंडर बदल रहा था। विस्फोट में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में मध्य प्रदेश के डिंडौरी निवासी लाल सिंह ने भी घटनास्थल पर दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल कमल सिंह (25) की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
घटनास्थल का मंजर बेहद भयावह था। विस्फोट वाली यूनिट के आसपास मशीनें क्षतिग्रस्त हो गईं और चारों ओर मलबा तथा शवों के अवशेष बिखरे दिखाई दिए। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल, श्रम विभाग और अन्य जांच एजेंसियों की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया।
फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के अत्यधिक जोखिम वाले कार्य में लगाया जाता था। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता था और आवश्यक सेफ्टी इक्विपमेंट भी उपलब्ध नहीं कराए जाते थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय टेपिंग यूनिट के पास कुछ मजदूर भट्ठी की गर्मी का उपयोग कर खाना बना रहे थे। विस्फोट के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर बाहर भागे।
फिलहाल पुलिस, श्रम विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां विस्फोट के वास्तविक कारण, सुरक्षा नियमों के पालन, फैक्ट्री प्रबंधन की जिम्मेदारी तथा नाबालिग से काम कराए जाने के आरोपों की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं। हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।