तीन दिन के विराम के बाद बदला मौसम का मिजाज, प्रदेश में अब तक सामान्य से 17% कम बारिश; कई जिलों में औसत से अधिक बरसे बादल
छत्तीसगढ़ में तीन दिन की सुस्ती के बाद मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि प्रदेश में अब तक सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई इलाकों में गुरुवार को बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बुधवार को रायपुर 32 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जून से 8 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 239.2 मिमी वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 286.7 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह पूरे प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि कई जिलों में मानसून मेहरबान रहा है और सामान्य से कहीं अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ इस सीजन में सबसे अधिक भीगा जिला रहा, जहां 450.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 84 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा दंतेवाड़ा (356.4 मिमी), मुंगेली (324 मिमी), सक्ती (318.2 मिमी), महासमुंद (309.2 मिमी), रायपुर (297 मिमी) और जांजगीर-चांपा (293.3 मिमी) में भी सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से वर्षा की कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।