CENTCOM का दावा- एयर डिफेंस, मिसाइल-ड्रोन ठिकानों समेत सैन्य ढांचे पर हमला; ईरान ने 3 मौतों की पुष्टि करते हुए जवाबी कार्रवाई की दी चेतावनी
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना का दावा है कि कार्रवाई में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन भंडार, नौसैनिक अड्डों समेत सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया। वहीं ईरान ने हमले में तीन लोगों की मौत और कई के घायल होने की पुष्टि करते हुए इसका जवाब देने की चेतावनी दी है।
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन (ए)। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार देर रात ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर व्यापक हवाई अभियान चलाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान के तहत करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेना का दावा है कि हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज सेंटर, निगरानी ठिकाने, नौसैनिक अड्डे तथा सैन्य लॉजिस्टिक्स से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाया गया। वॉशिंगटन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने की ईरानी क्षमता को कमजोर करना है।
दूसरी ओर, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, खुजेस्तान प्रांत के अहवाज शहर के बाहरी क्षेत्र में हुए हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान जारी होने की जानकारी दी है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें लगातार सुरक्षा संबंधी खतरे का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया, “मैं ईरान की हिटलिस्ट में सबसे ऊपर हूं।” ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान समझौते की इच्छा तो जता रहा है, लेकिन उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं कि तेहरान किसी भी समझौते का ईमानदारी से पालन करेगा।
उधर, ईरान ने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई का उचित समय पर जवाब दिया जाएगा। ताजा घटनाक्रम के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।