ट्रुथ सोशल पर दी कड़ी चेतावनी, इजराइल से F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट वापस बुलाने की रिपोर्ट; ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की दी धमकी, होर्मुज और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंता।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि उनकी हत्या की कोई भी कोशिश हुई तो अमेरिका ऐसा जवाब देगा, जिसकी मिसाल पहले कभी नहीं देखी गई होगी। ट्रम्प के इस बयान के बीच इजराइल-ईरान तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने इजराइल से अपने F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट वापस बुलाने शुरू कर दिए हैं, जबकि ईरान ने भी नए हमले की स्थिति में कड़े जवाब की चेतावनी दी है।
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन (ए)। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की हत्या की साजिश या हमला किया गया तो अमेरिका ऐसी सैन्य कार्रवाई करेगा, जिसे दुनिया पहले कभी नहीं देखी होगी। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान की ओर 1000 मिसाइलें तैनात हैं और जरूरत पड़ने पर हजारों अन्य मिसाइलें भी दागी जा सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी भी संभावित हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है।
इसी बीच इजराइली मीडिया कान न्यूज की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ने इजराइल के ओवदा एयरबेस पर फरवरी से तैनात अपने 12 F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार इन विमानों को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियानों के लिए तैनात किया गया था और हालिया ऑपरेशनों में भी इनका इस्तेमाल हुआ था। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में इन विमानों को इजराइल से उड़ान भरते देखा गया है।
दूसरी ओर, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि यदि इजराइल ने उसके संवेदनशील ठिकानों पर दोबारा हमला किया तो उसे पहले से अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही ईरान के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण की बात कही गई थी। CENTCOM के मुताबिक अब तक 800 से अधिक कारोबारी जहाज और करीब 38 करोड़ बैरल कच्चा तेल सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है।
तनाव बढ़ने के बीच कतर ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने तथा बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है। वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक में रूस ने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी पर अमेरिका और इजराइल के सैन्य रुख का समर्थन करने का आरोप लगाया।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और लंबा संकट पैदा होने की आशंका है।