यूपी में अंडरपास और पुल जलमग्न, उत्तराखंड में पहाड़ी मलबा पिकअप पर गिरा, हिमाचल में 438 सड़कें बंद; मिजोरम में भूस्खलन से हाईवे ठप, चार दिन से पर्यटक फंसे।
देशभर में मानसून का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से बाढ़, भूस्खलन और जनजीवन प्रभावित है, वहीं मध्य और पश्चिम भारत के 10 राज्यों में अगले पांच दिनों तक बारिश कमजोर रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल और मिजोरम में हालात सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
भोपाल/जयपुर/लखनऊ (ए)। देश में मानसून का स्वरूप एक बार फिर बदल गया है। मौसम के ताजा संकेतों के अनुसार मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत पश्चिम और मध्य भारत के करीब 10 राज्यों में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह पश्चिमी हिस्से से मानसूनी बादलों का हटना बताया जा रहा है। वहीं उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
नई सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार मानसूनी बादलों का प्रमुख क्षेत्र अब उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा की ओर सक्रिय है। इसके चलते इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से कई जिलों में हालात गंभीर हो गए हैं। हापुड़ में एक अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गया, जहां एक थार कार फंसकर जलमग्न हो गई। बिजनौर में गंगा और उसकी सहायक मालन नदी उफान पर हैं, जिससे कई पुल जलमग्न हो गए हैं। पिछले तीन दिनों में बारिश से जुड़े हादसों में राज्य में 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में देर रात भारी बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। पहाड़ी से मलबा और विशाल बोल्डर चलती पिकअप पर आ गिरे, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण 438 सड़कें बंद हैं, जिससे कई क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में भी बारिश का कहर जारी है। लुंगलेई जिले में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने 80 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य में अब तक 29 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। लुंगलेई जिले के बुआल्ते गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-54 बंद होने से पिछले चार दिनों से कई पर्यटक रास्ते में फंसे हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि मध्य और पश्चिम भारत में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है।