सड़कों की बदहाली से लेकर अमानक दवाओं की खरीद तक उठे सवाल, पीएमजीएसवाई की सड़कों के सर्वे में AI तकनीक अपनाने का सरकार ने किया ऐलान
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में नकटी गांव में हुई कार्रवाई का मुद्दा सबसे अधिक गूंजा। कांग्रेस ने इस मामले को मानवाधिकारों से जुड़ा बताते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया और विस्तृत चर्चा की मांग की। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, अमानक दवाओं की खरीद और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली।
रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन शून्यकाल की शुरुआत ही हंगामेदार रही। नकटी गांव में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार पर गरीब परिवारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना था कि मकानों पर की गई कार्रवाई मानवाधिकारों का उल्लंघन है और पूरे मामले पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जाए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने ही दल के सांसद की आपत्तियों को नजरअंदाज किया और बुलडोजर कार्रवाई को प्राथमिकता दी। विपक्ष ने इस पूरे प्रकरण में सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए सदन में चर्चा कराने पर जोर दिया।

इधर, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर भी सदन में लंबी चर्चा हुई। विधायक प्रबोध मिंज ने अपने क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत का मुद्दा उठाया, जिसके बाद विभिन्न दलों के आठ विधायकों ने भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की जर्जर सड़कों का मामला सदन में रखा।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से कहा कि जब इतने विधायक एक साथ सड़क निर्माण और मरम्मत का मुद्दा उठा रहे हैं तो यह गंभीर विषय है और इसका जवाब भी पूरी जिम्मेदारी के साथ दिया जाना चाहिए। जवाब में विजय शर्मा ने कहा कि सरकार समस्याओं से मुंह नहीं मोड़ रही है और सभी सड़कों का चरणबद्ध तरीके से आकलन कर आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।
सरकार ने सदन को यह भी बताया कि अब ग्रामीण सड़कों के सर्वे और मरम्मत की जरूरत का आकलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से किया जाएगा। सड़क का वीडियो रिकॉर्ड करते ही AI गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों और मरम्मत की आवश्यकता का स्वतः विश्लेषण करेगा, जिससे कार्यों की निगरानी अधिक सटीक और पारदर्शी होगी।
अमानक दवाओं की खरीद पर भी सरकार से जवाब तलब
प्रश्नकाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुजरात की एक दवा कंपनी से कथित अमानक दवाओं की खरीद का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि जिस कंपनी की दवाएं दूसरे राज्य में प्रतिबंधित हैं, उसकी दवाओं की खरीद छत्तीसगढ़ में क्यों की गई।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित दवा की खरीद नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में गुणवत्ता परीक्षण में फेल होने वाली 24 दवाओं की पहचान की गई है और चार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट भी किया जा चुका है। सरकार नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।
आज सदन में पेश होंगे तीन नए विधेयक
प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण के अलावा सरकार सदन में तीन नए विधेयक भी प्रस्तुत करेगी। इनमें अग्निशमन सेवा, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन और कारोबार सुगमता से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही भाड़ा नियंत्रण, निजी विश्वविद्यालय, वैट और जीएसटी संशोधन से संबंधित चार विधेयकों पर भी चर्चा के बाद उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।